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Meerut: प्रदूषण के खिलाफ सैनी गांव में महापंचायत, अफसर नदारद तो भड़के ग्रामीण, धरने का एलान

Fri, 02 Jan 2026 04:41 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के सैनी गांव में प्रदूषण के खिलाफ आयोजित महापंचायत में कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों ने पेपर मिल गेट पर धरना देने और एनजीटी जाने की चेतावनी दी है।

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धरने पर बैठे स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एनएच-34 स्थित सैनी गांव में प्रदूषण के खिलाफ आयोजित महापंचायत में प्रशासनिक अधिकारियों की गैरमौजूदगी से ग्रामीणों में गहरा रोष देखने को मिला। महापंचायत में आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के ग्रामीण एकत्र हुए और देवप्रिया पेपर मिल के गेट पर धरना देने का ऐलान किया।

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अधिकारियों के न पहुंचने से भड़के ग्रामीण
महापंचायत में प्रतिनिधित्व कर रहे दीपक चहल, मोहित मलिक सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे साफ है कि ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। इसके विरोध में सभी ग्रामीण संगठित होकर फैक्ट्री गेट तक जाने की तैयारी कर रहे हैं। मौके पर स्थिति को देखते हुए इंचौली थाना पुलिस तैनात रही।

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ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने मांग की कि पेपर मिल में आरडीएफ/कचरे के दहन पर तत्काल रोक लगाई जाए। सीटीओ की शर्तों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई और मुकदमा दर्ज किया जाए। यूपीपीसीबी द्वारा संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और पर्यावरणीय क्षति के लिए एनवायरमेंटल कंपनसेशन लगाया जाए।

इसके साथ ही भविष्य में प्रदूषण न होने की लिखित गारंटी, वैध एनएबीएल टेस्ट रिपोर्ट सार्वजनिक करने और प्रभावित गांवों में मेडिकल कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की मांग भी रखी गई। ग्रामीणों ने वैज्ञानिक मानकों और सरकारी गाइडलाइन के बिना आरडीएफ उपयोग पर स्थाई प्रतिबंध तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग की।
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एनजीटी जाने की चेतावनी
महापंचायत में मौजूद ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में शिकायत दर्ज कराएंगे। 

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