मेरठ। अराजनैतिक दल के रूप में खड़े हुए संयुक्त व्यापार संघ में हाल के वर्षों में राजनीतिक दल पूरी तरह हावी हो गए हैं। संगठन पदाधिकारी भी एक दूसरे पर राजनीतिक दलों के प्रभुत्व में होने का आरोप लगा रहे हैं। अब नवीन गुप्ता गुट के सामने अपने संगठन की साख बचाए रखने के लिए तीन तरफा चुनौती है। संयुक्त व्यापार संघ का एक गुट सपा तो दूसरे गुट भाजपा के संरक्षण में चल रहा है। विधानसभा चुनाव 2022 में कैंट सीट के लिए भी कुछ पदाधिकारी तैयारी कर रहे हैं तो कुछ ने पार्षद पद पर दावेदारी ठोकी हैं।
संयुक्त व्यापार संघ में हाल के वर्षों में मतभेद के बाद अरुण वरिष्ठ और बिजेंद्र अग्रवाल ने संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता, महामंत्री दलजीत सिंह और वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमल ठाकुर को साथ लेकर मजबूत स्थान में लाकर खड़ा कर दिया। इधर, बदन सिंह बद्दो प्रकरण में नवीन गुप्ता पर आरोप लगाए गए। इसके बाद संगठन से उपाध्यक्ष अमन गुप्ता और दो मंत्रियों अंकुर गोयल और संदीप रेवड़ी ने इस्तीफा दे दिया। अंकुर गोयल इस्तीफे के बाद अजय गुप्ता गुट के सभी धरना प्रदर्शन और बैठकों में पहुंच रहे हैं।
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि हमारा निर्वाचित संगठन पूर्ण रूप से अराजनीतिक है। कुछ लोगों ने व्यापारिक संगठनों को राजनीतिक स्वरूप दे दिया है। ओपी खन्ना के समय से अब तक व्यापार संघ में राजनीति को हावी नहीं होने दिया गया था। राजनैतिक संरक्षण का ही परिणाम है कि सेंट्रल मार्केट में तमंचे और रिवाल्वर लहराई गईं। अमन जैन को इंसाफ दिलाने के नाम पर शक्ति प्रदर्शन किया गया। सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ का उदाहरण देते हुए नवीन गुप्ता ने कहा कि वहां बेटे की शादी में लाइसेंसी हथियारों के साथ फोटो खिचवाए तो तुरंत मुकदमे दर्ज हो गए। अब सेंट्रल मार्केट में हंगामा, मारपीट और बवाल के बाद तमंचे लहराए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
उधर, संयुक्त व्यापार संघ महामंत्री दलजीत सिंह ने कहा कि सपा के संरक्षण में नवीन गुप्ता अपना संगठन चला रहे हैं। व्यापारियों ने नवीन गुप्ता को अयोग्य बता दिया। परिणाम स्वरूप नवीन गुप्ता को बंद का आह्वान वापस लेना पड़ा। नवीन गुप्ता को पहले संगठन के नौ लाख रुपये वापस करने चाहिए। उन्होंने एसएसडी ब्वायज कॉलेज लालकुर्ती में मतदान के दौरान गुंडागर्दी दिखाई थी। इसके लिए उन्हें रुपक अग्रवाल से माफी मांगनी चाहिए।