नकली किताबों के मामले में एनसीईआरटी को परतापुर पुलिस नोटिस देगी। इसके लिए पुलिस ने 25 बिंदु बनाए हैं, जिन पर एनसीईआरटी से जवाब लिया जाएगा। पुलिस का मानना है कि पांच साल पहले भी भाजपा नेता संजीव गुप्ता के खिलाफ नकली किताब प्रकरण में मुकदमा दर्ज हुआ था जिसमें एनसीईआरटी की रिपोर्ट पर मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगी थी और आरोपी बच गए थे।
इंस्पेक्टर परतापुर आनंद प्रकाश मिश्रा के अनुसार पुलिस की विवेचना एनसीईआरटी की रिपोर्ट के बिना अधूरी है। नकली किताब छापने के मामले में आरोप पुष्ट करने के लिए एनसीईआरटी की रिपोर्ट का होना अनिवार्य है।
साल 2015 में पुलिस की लापरवाही के चलते ही आरोपी भाजपा नेता संजीव गुप्ता ने खुद को बचाया था। एनसीईआरटी ने रिपोर्ट दी थी कि संजीव गुप्ता के यहां मिलने वाली किताबें एनसीईआरटी से अधिकृत हैं।