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नकली किताब प्रकरण: एनसीईआरटी को 25 बिंदुओं पर घेरेगी पुलिस

Sun, 30 Aug 2020 01:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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नकली किताबों का गोदाम - फोटो : अमर उजाला
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नकली किताबों के मामले में एनसीईआरटी को परतापुर पुलिस नोटिस देगी। इसके लिए पुलिस ने 25 बिंदु बनाए हैं, जिन पर एनसीईआरटी से जवाब लिया जाएगा। पुलिस का मानना है कि पांच साल पहले भी भाजपा नेता संजीव गुप्ता के खिलाफ नकली किताब प्रकरण में मुकदमा दर्ज हुआ था जिसमें एनसीईआरटी की रिपोर्ट पर मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगी थी और आरोपी बच गए थे।
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इंस्पेक्टर परतापुर आनंद प्रकाश मिश्रा के अनुसार पुलिस की विवेचना एनसीईआरटी की रिपोर्ट के बिना अधूरी है। नकली किताब छापने के मामले में आरोप पुष्ट करने के लिए एनसीईआरटी की रिपोर्ट का होना अनिवार्य है।

साल 2015 में पुलिस की लापरवाही के चलते ही आरोपी भाजपा नेता संजीव गुप्ता ने खुद को बचाया था। एनसीईआरटी ने रिपोर्ट दी थी कि संजीव गुप्ता के यहां मिलने वाली किताबें एनसीईआरटी से अधिकृत हैं।
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एक रिपोर्ट ने किया केस खत्म
पुलिस के अनुसार पांच साल पहले भी पुलिस ने नकली किताब छापने का भंडाफोड़ किया था। लेकिन एनसीईआरटी की एक रिपोर्ट ने पूरे केस को खत्म कर दिया था। उस मुकदमे की केस डायरी का अध्ययन किया गया तो यह सामने आया। इस बार केस को मजबूत करने के लिए पुलिस ने 25 बिंदु बनाए हैं, जिन पर एनसीईआरटी की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।

पुलिस उसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। ताकि आरोपी संजीव गुप्ता व उसका भतीजा सचिन गुप्ता पुलिस की विवेचना से बच न पाए। इसको देखते हुए परतापुर पुलिस एनसीईआरटी को सोमवार को नोटिस भेजेगी। शुक्रवार को एनसीईआरटी के दिल्ली कार्यालय से परतापुर पुलिस खाली हाथ लौट आई थी। जिसके बाद यह नोटिस देने का फैसला लिया गया।

जांच अधिकारियों के नाम भी पूछे
इन 25 बिंदुओं में पुलिस एनसीईआरटी प्रशासन से पश्चिम उत्तर प्रदेश के जांच अधिकारियों के नाम भी पूछेगी। ये जांच अधिकारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हर जिले में एनसीईआरटी के अधिकृत प्रकाशकों की जांच करते हैं।

प्रत्येक साल में एनसीईआरटी की कौन से जिले में कितनी किताबों की सप्लाई की गई और क्या एनसीईआरटी इसकी पूर्ति कर पाती है, नकली किताबें की खपत को लेकर किस स्तर पर किस अधिकारी ने जांच की, यह सवाल भी पूछा जाएगा।
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