बसपा के पूर्व मंडल कॉर्डिनेटर रहे अधिवक्ता अनिल प्रधान ने नौचंदी थाने में 28 अप्रैल 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बसपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की बैठक में मुख्य अतिथि पार्टी के वेस्ट यूपी के मंडल प्रभारी शमसुद्दीन राइन सहित 15-20 लोग मौजूद थे। जब अनिल प्रधान ने इनके सामने अपनी समस्या रखी तो शमसुद्दीन राइन ने जातिसूचक शब्द कहते हुए उसके साथ मारपीट की। धक्के देकर वहां से निकाल दिया।
इस मामले में कई बार नोटिस जारी होने के बावजूद शमसुद्दीन राइन के कोर्ट में पेश नहीं होने के बाद न्यायालय ने 22 अक्तूबर 2022 को गैरजमानती वारंट जारी कर दिया था। इस मामले की जांच सीओ कोतवाली अमित राय कर रहे हैं।