फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेंट्रल मार्केट मामला: महिलाओं के धरने पर पुलिस का पहरा, राज्यपाल से मिलने की आशंका में तीन दिन घरों में रोका

Thu, 23 Jul 2026 11:00 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के शास्त्रीनगर में आवास विकास परिषद की कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठी महिलाओं को राज्यपाल से मिलने की आशंका के चलते तीन दिन तक घरों में रोके जाने का मामला सामने आया है। बुधवार को महिलाओं को केवल धरनास्थल तक जाने की अनुमति दी गई और वहां भी पुलिस बल तैनात रहा। महिलाओं ने कहा कि राज्यपाल से मिलने या विरोध करने का उनका कोई कार्यक्रम नहीं था।

विज्ञापन
धरने पर बैठी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 मेरठ के शास्त्रीनगर में आवास विकास परिषद की कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठी महिलाओं पर तीन दिन तक पुलिस-प्रशासन की निगरानी रही। पुलिस को आशंका थी कि महिलाएं एकजुट होकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने या विरोध करने जा सकती हैं। इसी के चलते महिलाओं और आंदोलन से जुड़े कुछ पुरुषों को घरों में ही रोक दिया गया। 

विज्ञापन


बुधवार को महिलाओं को केवल धरनास्थल तक जाने की अनुमति मिली। जब तक महिलाएं धरने पर बैठी रहीं, तब तक वहां भारी पुलिस बल तैनात रहा।

यह भी पढ़ें: Meerut: इकलौते बेटे की मौत से उजड़े परिवार के सपने, मां के लौटते ही पांचवीं मंजिल से गिरा, जताई साजिश की आशंका

राज्यपाल से मिलने की आशंका में पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
शास्त्रीनगर के सेक्टर दो और तीन में महिलाएं आवास विकास परिषद की कार्रवाई के विरोध में धरना दे रही हैं। धरनास्थल पर महिलाएं हनुमान चालीसा का पाठ करने के साथ भगवान श्रीराम का नाम जप रही हैं।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तीन दिन तक मेरठ में थीं। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि शास्त्रीनगर की महिलाएं एकजुट होकर राज्यपाल से मिलने और विरोध दर्ज कराने की योजना बना रही हैं। इसके बाद पुलिस-प्रशासन ने महिलाओं और आंदोलन से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी।
 
विज्ञापन

महिलाओं ने कहा- मिलने का कोई कार्यक्रम नहीं था
महिलाओं का कहना है कि राज्यपाल से मिलने या उनके सामने विरोध प्रदर्शन करने का उनका कोई कार्यक्रम नहीं था। उनका आरोप है कि किसी ने गलत सूचना या अफवाह फैला दी, जिसके आधार पर उन्हें तीन दिन तक घरों में रोककर रखा गया।

महिलाओं ने कहा कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई शांतिपूर्ण तरीके से लड़ रही हैं। उनका कहना है कि आवास विकास परिषद की कार्रवाई के मामले में उन्हें अब भी न्यायालय से न्याय की उम्मीद है।

महिलाओं ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और वे किसी प्रकार का विरोध या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश नहीं कर रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें