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पुलिस को बदमाशों से खतरा, मिली जान से मारने की धमकी, सर्विलांस के सिपाही ने दर्ज कराया मुकदमा

Fri, 27 Sep 2019 02:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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बदमाशों का एक गैंग पुलिस के लिये खतरा बना है। बदमाश कहते हैं कि तुम बहुत अपराधियों को पकड़वा रहे हो, जिसके चलते अपराध करने में परेशानी आ रही है। चुपचाप बैठ जाओ, वरना मारे जाओगे। बदमाशों का खर्चा हो रहा है, पैसों की भी जरूरत है।

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यह किसी फिल्म का डॉयलाग नहीं है, ऐसा एक मुकदमा सिविल लाइन थाने में दर्ज हुआ है। सर्विलांस में तैनात सिपाही मनोज दीक्षित की तहरीर पर माधवपुरम निवासी शरद गोस्वामी पर धमकी देने और रंगदारी मांगने का केस दर्ज हुआ है।
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इस वाद के बाद लिखी रिपोर्ट
यह मामला 28 पुलिसकर्मियों के खिलाफ फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाकर कोर्ट में वाद दायर करने से जुड़ा है। 20 सितंबर को शरद गोस्वामी ने सर्विलांस इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी, इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह और इंस्पेक्टर नौचंदी तपेश्वर सागर समेत 28 पुलिसकर्मियों के खिलाफ वाद दायर किया था।

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आरोप है कि पुलिस ने मुठभेड़ में दो अलग-अलग स्थानों पर चार सितंबर को तीन लोगों को गोली मारनी बताई गई। वाद में सर्विलांस के सिपाही मनोज दीक्षित पर 20 लाख रुपये की डिमांड करने का आरोप लगाया। पुलिस ने वाद दायर करने वाले के खिलाफ सिविल लाइन थाने में धमकी और रंगदारी मांगने की धाराओं में केस दर्ज कराने के बाद उसके खाते भी सीज करा दिए है।
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पुलिस को खतरा या कोई दूसरा मामला
ये बेहद गंभीर मामला है, क्योंकि मनोज दीक्षित काफी लंबे समय से सर्विलांस का काम देख रहे हैं। मुकदमे के अनुसार मनोज ने बताया कि उन्हें बार-बार व्हाट्सएप कॉल की जा रही थीं। जांच में पता चला कि कॉल करने वाला शरद गोस्वामी निवासी माधवपुरम है। लेकिन सवाल है कि बदमाश बनकर सिपाही को धमकाने वाले की अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।

बार बार धमकी मिलने के बावजूद मनोज ने 28 पुलिसकर्मियों पर वाद दायर होने के बाद केस दर्ज कराया। वहीं, फर्जी मुठभेड़ के आरोप लगाकर वाद दायर करने वाले के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट द्वारा सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तिथि नियत की गई है।
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