मेरठ। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में ज्वेलरी शॉप में पड़ी डकैती खोलने के लिए पुलिस धूल में लट्ठ चला रही है। चर्चा है कि पुलिस के पास न तो कोई ठोस सुबूत है और न बदमाशों की सटीक लोकेशन। खुलासे के बजाय पुलिस रोजाना नई कहानी सुना रही है। ऐसे में व्यापारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में 17 दिसंबर को पवन जिंदल की ज्वेलरी शॉप में दिनदहाडे़ बदमाश एक करोड़ की डकैती डालकर फरार हो गए थे। सराफ का कारोबार ठप हो गया और दुकान में ताला लगा दिया गया। भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विनीत शारदा और व्यापारी नेता पीड़ित व्यापारी को सांत्वना देने में लगे हैं। लेकिन मामले को मैनेज करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारी भी रोजाना दावा कर रहे हैं कि पुलिस बदमाशों के करीब है और जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा। लेकिन पुलिस के दावे हवा हवाई हैं। पहले पुलिस ने बदमाशों का दिल्ली में होना बताया। फिर दिल्ली में दबिश देने के बाद बदमाशों का न मिलना बताया। 21 दिनों में मंगलवार को पुलिस ने दावा किया था कि बदमाश मेरठ से 2500 किमी दूर हैं और वहां भी बार-बार लोकेशन बदल रहे हैं। लेकिन जब पुलिस से उनकी लोकेशन पूछी गई तो बताने से इंकार कर दिया गया। चर्चा है कि जिन सुबूतों के आधार पर पुलिस अधिकारी दावा कर रहे हैं कि बदमाशों की काफी जानकारी उन्होंने जुटा ली, वह सब हवा में है।
गले से नहीं उतर रही थ्योरी
पुलिस का दावा कि वारदात के बाद बदमाश दिल्ली पहुंच गए। वह चाहती तो बदमाशों को पकड़ सकती थी। लेकिन लुटा हुआ सामान बरामद करना चुनौती बना हुआ है। सवाल है कि जब पुलिस बदमाशों को दिल्ली में नहीं पकड़ सकी तो 2500 किमी दूर कैसे पकड़ लेगी।
सरेंडर होने की चर्चा
मेरठ पुलिस दावा करती है कि बदमाश दिल्ली पुलिस से साठगांठ करके सरेंडर करने की फिराक में हैं। मेरठ पुलिस को दिल्ली पुलिस और बदमाशों के साथियों की बातचीत के सुबूत भी मिले हैं। कल पुलिस बदमाश 2500 किमी दूर बता रही थी तो यहां बदमाश कहां से बात कर रहे हैं, इसकी कोई जानकारी पुलिस के पास नहीं है। पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है।
सर्विलांस, क्राइम ब्रांच भी फेल
एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि ज्वेलरी शॉप में वारदात के बाद से खुलासे के लिए 40 पुलिसकर्मी लगाए हैं। 20 दिसंबर को उपद्रव में भी इन पुलिसवालों को नहीं हटाया गया। पुलिस की सर्विलांस टीम और क्राइम ब्रांच लगातार इस मामले में जांच कर रही है। व्यापारी कहते है कि सर्विलांस टीम एक भी ऐसा सुबूत अभी तक नहीं जुटा सकी, जिससे अभी लगता नहीं कि सराफ का सामान मिल जाएगा।