मेरठ। आबू प्लाजा स्थित रघुनंदन ज्वेलर्स से फिल्मी अंदाज में एक करोड़ के गहने ठगी के तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस शुक्रवार को आरोपियों को जेल नहीं भेज पाई। इस मामले में पुलिस ने प्रवीण शर्मा से लिए एक करोड़ रुपये ज्वेलर्स से लाने के लिए कहा लेकिन वह रुपये लेकर नहीं आए। हालांकि ज्वेलर्स आरोपियों से बरामद किए गए गहने की पहचान कर ली है। आरोपियों से पूछताछ कर शेष गहने बरादमगी के लिए पुलिस टीम दिल्ली और हिसार गई है। पुलिस का कहना है कि शनिवार को इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
एक करोड़ की ठगी के मामले में पुलिस ने 15 दिन बाद सदर बाजार थाने में ज्वेलर्स तन्मय अग्रवाल की तहरीर पर कृष्णा, उसके कथित भतीजे औैर एक अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी व साजिश की धारा में प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने इस मामले में हिसार के पंकज भारद्वाज, उसके साथी निशांत उर्फ राजा और बिहार के राजवीर को बृहस्पतिवार देर रात गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे व निशानदेही पर 80-90 फीसदी गहने बरामद कर लिए हैं। ज्वेलर्स ने गहने के बदले भगवान बुक डिपो संचालक से एक करोड़ रुपये ले लिए थे। ऐसे में एक करोड़ रुपये बरामदगी भी केस को मजबूत करने के लिए आवश्यक है लेकिन रुपये नहीं मिलने के कारण पुलिस पूरी तरह वारदात का खुलासा नहीं कर पा रही है। वहीं, कुछ नेता भी पुलिस को इस मामले में कॉल कर रहे हैं। पंकज भारद्वाज अभी भी पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। पुलिस इस मामले की रिपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग को रिपोर्ट भेजने और शेष गहने बरामद कर पुलिस शनिवार को पूरे मामले का खुलासा करने की बात कर रही है।
तीनों आरोपी पहुंचे थे रघुनंदन ज्वेलर्स पर
पुलिस का कहना है कि वारदात के दिन ठगी का मास्टरमाइंड पंकज भारद्वाज, राजवीर और निशांत उर्फ राजा तीनों आरोपी रघुनंदन ज्वेलर्स पर पहुंचे थे। इन्होंने ही प्रवीण शर्मा से रुपये ज्वेलर्स तन्मय को दिलाए थे। निशांत ने गहने बेचने के लिए कुछ लोगों को दिए थे। गहने लेने वाले आरोपियों से भी पुलिस ने पूछताछ की है। वहीं, रघुनंदन ज्वेलर्स से गहने ले जाने वाले शख्स से भी पुलिस टीम पूछताछ कर रही है। हालांकि उसने पुलिस से कहा है कि उसका ठगी से लेेनादेना नहीं है। आरोपी पंकज भारद्वाज ने उसे झांसा देकर ज्वेलर्स के पास भेजा था। पुलिस उसकी संलिप्तता की जांच कर रही है।
ऐसे हुई थी वारदात
18 फरवरी को सदर थाना क्षेत्र के आबू प्लाजा स्थित रघुनंदन ज्वेलर्स के संचालक तन्मय अग्रवाल को कृष्णा नाम के शख्स ने दिल्ली का आभूषण कारोबारी बताकर कॉल किया। कृष्णा ने तन्मय को एक करोड़ के आभूषणों का ऑर्डर दिया था। कृष्णा नामक व्यक्ति ने अपने कथित भतीजे को भेजकर गहने पसंद कराए थे। इसी दौरान वहां भगवान बुक डिपो के संचालक प्रवीण शर्मा अपने सहयोगियों के साथ पहुंचे। प्रवीण शर्मा ने अपनी पत्नी से एक करोड़ रुपये लेकर तन्मय को दिए थे। जैसे ही कथित भतीजा गहने लेकर निकला तो दोनों कारोबारियों के बीच विवाद शुरू हो गया था। तन्मय का कहना था कि उसने गहनों के बदले रुपये लिए जबकि प्रवीण शर्मा का कहना था कि उन्हें बैंक नीलामी की संपत्ति खरीदनी थी। वह अपने परिचित पुष्पेंद्र के कहने अपनी फर्म के खाते में रुपये जमा करने के लिए रघुनंदन ज्वेलर्स पर आया था।
शेष रुपये बरामदगी का प्रयास किया जा रहा है। ज्वेलर्स से एक करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा गया है। जल्द पूरे मामले का खुलासा कर आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा। ठगी में शामिल अन्य आरोेपियों की पड़ताल व तलाश की जा रही है।
आयुष विक्रम सिंह, एसपी सिटी