पुलिस ने छात्राओं से पूछा कि उन्हें पैसे की जरूरत हो तो वह उपलब्ध करा सकते हैं। उनकी लोकेशन ऋषिकेश में मिली। इसके बाद छात्राओं को मेरठ आने के लिए कहा गया। छात्राएं मेरठ के लिए रवाना हुईं।
आगरा पुलिस ने टोल प्लाजा पर एक बस से दोनों छात्राओं को बरामद कर लिया। आगरा पुलिस ने बताया कि सोमवार को छात्राओं के कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे। पुलिस ने छात्राओं को परिजनों के सुपुर्द किया है। चर्चा है कि छात्राएं आत्मनिर्भर बनने के लिए घर से निकली थीं।
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सीसीटीवी से भी जांच करती रही पुलिस
पुलिस ने सबसे पहले स्कूल जाने वाले सीसीटीवी और मेन रोड से अन्य मार्गों पर जाने वाले सीसीटीवी देखे। इसके अलावा दोनों के जितने भी सोशल मीडिया एकाउंट्स थे उन्हें देखा गया। बारहवीं की छात्रा ने पुलिस को बताया कि वह आईपीएस बनना चाहती है। सर्विलांस और साइबर टीम द्वारा इंस्टाग्राम की आईडी के माध्यम से पकड़ा गया।
पुलिस ने एक मैसेज छोड़ा- इसमें लिखा कि अगर उन्हें पैसे की जरूरत या अन्य कोई परेशानी हो तो इस नंबर पर कॉल करें। पुलिस ने मैसेज में अपना नंबर छोड़ा। इस पर रिप्लाई आया तो पुलिस ने नंबर जांचा तो वह ऋषिकेश में जाकर लोकेशन मिली। इस पर पुलिस ने कुछ और मैसेज छोड़े, और कहा गया कि वह मेरठ आकर जरूरत का सामान ले सकती हैं। छात्राओं ने बस में बैठकर मेरठ आने की बात भी मैसेज में बताई।
इसके बाद पुलिस ने मेरठ-मुजफ्फरनगर मार्ग पर स्थित दौराला टोल प्लाजा के पास बसों की चेकिंग करना शुरू कर दिया और एक बस से दोनों बालिकाओं को बरामद कर लिया और उन्हें समझा बुझा कर उनके परिजनों को सौंप दिया।