बिना पर्चे के नहीं दे सकते दवा
मेडिसिन एजेंसी पर पकड़ी गई नार्कोटिक्स ड्रग्स ट्रैमडोल का इस्तेमाल लोग नशा करने के लिए करते हैं। मेडिसिन एजेंसी और मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश हैं कि वे बिना डॉक्टर के लिखे पर्चे के किसी भी व्यक्ति को उक्त दवा नहीं देंगे। मगर ये दवाएं बिना पर्चे के ही बेचते हैं।
दवाओं का काला कारोबार
दवाओं के काले कारोबार की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी समय-समय पर दवाओं का खेल उजागर होता रहा है। करीब पांच वर्ष पहले बेहट रोड स्थित गांव पिंकी के पास एक खेत से कई क्विंटल दवाएं पकड़ी गई थीं। एक व्यक्ति ने उक्त दवाएं खेत में करीब 15 फुट नीचे दबाकर रखी थीं, जिन्हें ड्रग विभाग ने जेसीबी से खुदवाकर निकलवाया था। सभी दवाएं एक्सपायरी डेट की थीं। आरोप था कि दवाओं की डेट बदलकर नई डेट डालकर बाजार में बेचा जाता था।
नशीली दवाओं का अवैध कारोबार
सहारनपुर में हरियाणा से सटे नकुड़, चिलकाना, गंगोह आदि क्षेत्र के मेडिकल स्टोरों पर कई बार नशीली दवाएं पकड़ी गई हैं। यही वजह है कि ड्रग विभाग समय-समय पर छापा मारता रहा है। वर्तमान में भी नशीली दवाओं के विरुद्ध अभियान चलाने के निर्देश डीएम द्वारा ड्रग विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर नशीली दवाओं के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर हमने शुक्रवार को चिलकाना रोड स्थित बस अड्डे के पास एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर प्रतिबंधित दवा के साथ ही दिल्ली की सरकारी दवाएं पकड़ी हैं। मेडिकल स्टोर संचालक के विरुद्ध संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। खास तौर से दिल्ली की दवाएं पकड़ा जाना गंभीर मामला है। इस खेल के पीछे पूरा रैकेट है, जिसकी जांच की जा रही है।
- संदीप चौधरी, औषधि निरीक्षक
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/