फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिल्डर को दी गई सुरक्षा, रंगदारी मांगने वाले का सुराग नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
बिल्डर को दी सुरक्षा, रंगदारी मांगने वाले का सुराग नहीं
विज्ञापन

मेरठ। सराय काजी निवासी बिल्डर अशोक सैनी से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में रविवार को मेडिकल पुलिस की नींद टूट गई। पुलिस ने बिल्डर के घर पहुंचकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली। बिल्डर की सुरक्षा के लिए घर पर एक पुलिसकर्मी तैनात कर दिया गया है। वहीं, आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला है। वीरेंद्र ढाका के नाम से रंगदारी मांगी गई थी।
बिल्डर अशोक सैनी के मोबाइल पर किसी व्यक्ति ने कॉल करके पहले 25 जनवरी को पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। बिल्डर की ओर से एक फरवरी को मेडिकल थाने में केस दर्ज कराया गया। लेकिन आरोपी का पता नहीं लगा। रंगदारी मांगने वाले ने अपना नाम वीरेंद्र ढाका बताते हुए के कई बार रंगदारी मांगी।
विज्ञापन

शनिवार शाम एक अन्य नंबर से बिल्डर को कॉल कर कहा गया कि बहुत समय हो गया है। अब पांच लाख रुपये नहीं बल्कि 20 लाख रुपये का इंतजाम करना है। नहीं तो जान गंवानी पड़ेगी। एक अन्य व्यक्ति द्वारा रात में बिल्डर के घर की रेकी की गई और रंगदारी के पैसे के लिए चिट्ठी भी फेंकी गई। इसमें एक आरोपी सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया। इसके बाद से बिल्डर का परिवार दहशत में है। बिल्डर के बेटे की भी रेकी की जा चुकी है। इस मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई।
रविवार सुबह मेडिकल पुलिस बिल्डर के घर पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। यहां बिल्डर की सुरक्षा में एक पुलिसकर्मी पर तैनात कर दिया गया है। दोपहर को बिल्डर सुरक्षा में मेडिकल थाने पहुंचा और इंस्पेक्टर को पूरा प्रकरण बताया। रंगदारी मांगने वाले के तीन अलग अलग मोबाइल नंबर हैं। सर्विलांस टीम काम कर रही है।
----
पुलिस कार्रवाई करे, मुझे सुरक्षा की जरूरत नहीं
- बिल्डर अशोक सैनी का कहना है कि पुलिस रंगदारी मांगने वाले पर कार्रवाई करे। मुझे सुरक्षा की जरूरत नहीं है। यही मैंने पुलिस से भी कहा है। लेकिन फिर भी एक पुलिसकर्मी घर पर सुरक्षा के लिए दिया है।
विज्ञापन

--
कौन है वीरेंद्र ढाका, पुलिस को पता नहीं
- बिल्डर से पहले 25 जनवरी को रंगदारी मांगी गई। फिर चार फरवरी, आठ फरवरी के अलावा 13 फरवरी को कॉल कर 20 लाख रुपये मांगे गए। पिछले 20 दिन में पुलिस आरोपी का पता नहीं लगा पाई है। न ही यह पता लग पाया है कि वीरेंद्र ढाका कौन है और कहां का रहने वाला है। सीओ सिविल लाइन देवेश सिंह का कहना है कि अभी आरोपी का पता नहीं चल सका है। उसका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें