पुलिस ने किशोरी के कोर्ट में कराए बयान
परीक्षितगढ़। थाना क्षेत्र में बागपत निवासी किशोरी की हत्या का मुकदमा लिखने और लावारिस में अंतिम संस्कार करने के बाद जीवित मिली किशोरी के शुक्रवार को न्यायालय में बयान दर्ज कराए। कोर्ट में किशोरी ने कहा कि उसका अपहरण हुआ था, हत्या नहीं। किशोरी की हत्या में पुलिस तीन युवकों को जेल भी भेज चुकी थी। एडीजी ने इस मामले में जांच भी बैठा रखी है।
बागपत के भट्टा निवासी किशोरी की मां ने उसके अपहरण और हत्या का मुकदमा 23 दिसंबर को दर्ज कराया था। पुलिस ने गंगनहर से एक किशोरी का शव बरामद किया था। लावारिस में उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। किशोरी की मां ने थाने में रखे कपड़ों व कंगनों के आधार पर शव की पहचान अपनी पुत्री रानी के रूप में पहचान की थी। पुलिस ने बिसरा डीएनए जांच के लिए भेजा था। पुलिस ने मामले का खुलासा कर तीन आरोपियों बालेंद्र, कपिल व राजू को जेल भेज दिया था। लेकिन किशोरी के जीवित मिलने पर यह मामला दोबारा सुर्खियों में आ गया।
थाना प्रभारी ने बताया कि बागपत के कपिल पुत्र सत्यवान ने बालेंद्र पुत्र राजू के साथ मिलकर लड़की को अगवाकर सरधना के गांव छुर में रखा था। पीड़िता की मां ने बड़ौत थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में मुकदमा बड़ौत से परीक्षितगढ़ थाने में स्थानांतरित हुआ था। परीक्षितगढ़ थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लड़की ने कोर्ट में बयान दिए है उसका अपहरण हुआ था।