एसपी ट्रैफिक ने रोडवेज जैसी दिखने वाली बसों को सीज करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन पुलिस को सड़क पर नकली रोडवेज बस नहीं मिल रही है जिसके चलते शुक्रवार को बसों को सीज करने की कार्रवाई नहीं हो सकी।
दिल्ली रोड पर सोतीगंज, केसरगंज, रेलवे रोड चौराहे के आसपास व अन्य स्थानों से नकली रोडवेज बसें संचालित हो रही हैं। इन बसों को देखकर यात्रियों को यह नहीं चल पाता कि यह बस रोडवेज की हैं या फिर डग्गामार। इन बसों पर उत्तर प्रदेश परिवहन की जगह कौशांबी मेट्रो, उत्तर प्रदेश परिवार, वैशाली मेट्रो जैसे मिलते-जुलते शब्द लिखे हुए हैं। इन बसों में यात्रियों के बैठते ही टिकट बना दिया जाता हैं, जिससे यात्री कुछ दूरी के बाद उतर भी न सकें। इसके बाद ये जहां तहां बसों को रोकते हुए चलते हैं। विरोध पर यात्रियों के साथ मारपीट तक की जा रही है। बसों के चालक भी अनट्रेंड हैं। बसों में सफर करने पर न तो कोई सुरक्षा है और न सहूलियत। यदि बस दुर्घटनाग्रस्त हो जाए तो कोई मुआवजा भी नहीं मिलेगा, जबकि रोडवेज बसों में टिकट लेने पर यह सुविधा है। शुक्रवार को भी ऐसी बस चलती हुई दिखाई पड़ी। एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी वीआईपी के साथ परेड के लिए भी लगी है। ऐसे में उन्होंने टीआई और टीएसआई को निर्देश दिए हैं। अवैध तरीके से चल रहीं इन बसों को सीज किया जाएगा।