ये दिए टिप्स
1- छात्राओं को अगर कोई राह चलते परेशान करे तो 1090 या 112 पर कॉल करें। पुलिस मदद करेगी। साथ ही पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
2- छात्राएं किसी भी बात को छिपाएं नहीं, घर में माता-पिता व अन्य परिजनों से परेशानी को साझा करें, ताकि उसका समाधान किया जा सके।
3- छात्राएं कानूनी अधिकारों की जानकारी रखें। जागरूकता जीवन में अहम होती है।
4- छात्राएं अपने फोन में हेल्पलाइन नंबरों के साथ ही पुलिस अफसरों और थाने का नंबर रखें। जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद ली जा सके।
बोली छात्राएं...
डायल 112 और महिला हेल्पलाइन 1090 की आज बेहतर तरीके से जानकारी मिली है। यह जानकारी हर लकड़ी के लिए जरूरी है।
- वृतिका।
जरा सी दिक्कत होने पर पुलिस को सूचना की जाएं तो वह मदद के लिए मौके पर हाजिर होती है। बालिका भयमुक्त होकर स्कूल जाएं।
- शगुन।
किसी भी समस्या का समाधान तभी होगा, जब हम उसे अपने परिजनों, गुरुजनों के साथ साझा करेंगे। परेशानी छिपाकर नहीं रखनी चाहिए।
- विदुषी
छोटी सी समस्या समय के साथ बड़ी हो जाती है। परिजनों और पुलिस की मदद से समय पर ही समाधान बेहतर होता है।
- अन्नू।
इस तरह के आयोजन छात्राओं को जागरूक करने का अच्छा माध्यम हैं। छात्राओं को अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए।
- प्रिया।
पुलिस हमारी मदद के लिए है, तो फिर पुलिसकर्मियों को परेशानी बताने में झिझक कैसी। परेशानी बताने पर ही समाधान होगा।
- मीनाक्षी।
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