वकीलों को कचहरी में ही रोकने के लिए सुबह आठ बजे से कचहरी के सातों गेट पर पुलिस फोर्स तैनात हो गई। इसके बाद भी वकील पुलिस का चक्रव्यूह तोड़कर सुभारती कॉलेज पहुंच गए। कचहरी से बेगमपुल तक वकील-पुलिस पैदल चले। एसपी सिटी रणविजय सिंह व एएसपी कैंट सतपाल सिंह ने कई जगह वकीलों को रोकने का प्रयास किया। लेकिन वह नहीं माने। स्थिति नियंत्रण से बाहर जाने पर उन्होंने बेगमपुल पर बैरियर लगाकर पुलिस फोर्स और एसएसबी के जवानों को तैनात कर दिया। निर्देश दिए कि वकीलों पर बिना लाठीचार्ज के उन्हें बेगमपुल से आगे नहीं बढ़ने दें।
टक्कर मारते दो गाड़ी निकल गईं
पुलिस ने बेगमपुल पर सख्ती से वकीलों को रोकने की प्लानिंग बनाई। लेकिन दो बसों में सवार वकीलों को पुलिस के लगाए बैरियर नहीं रोक पाए। बसों ने टक्कर मारी और बेगमपुल से निकल गई। यहां पुलिस करीब 100 वकीलों को ही रोक पाई। सुभारती गेट पर वकीलों की बस रुकी तो पुलिस अफसरों के हाथ-पैर फूल गए।
आईजी-एसएसपी ने संभाला मोर्चा
वकीलों के सुभारती कॉलेज गेट पर पहुंचने का पता लगते ही आईजी रेंज रामकुमार व एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने स्थिति को संभाला। अधिकारी गेट पर पहुंचे तो वकीलों से उनकी धक्का-मुक्की हुई। महिला अधिवक्ता भी भिड़ गई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने वकीलों को बस में सवार कर पुलिस लाइन भिजवा दिया।