रूपक की मां से मिलने पहुंचे सपा नेता
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मेरठ के मोदीपुरम थानाक्षेत्र में अनूपनगर फाजलपुर में धरने पर बैठी रूपक की मां मिथलेश का पुलिस ने जबरन धरना समाप्त करा दिया। आरोप है कि महिला पुलिस उन्हें घसीटते हुए एंबुलेंस तक ले गई और अस्पताल में जांच कराने के बाद पुलिस ने छोड़ा। हालांकि घर लौटने पर पीड़िता ने फिर से धरना शुरू कर दिया।
पिछले दिनों दोस्तों ने रूपक की हत्या कर शव के टुकड़ों को बोरवेल में फेंक दिया था। पुलिस ने शव के कुछ अंग बरामद करने के बाद खोदाई बंद कर दी थी। इसके विरोध में मृतक की मां मिथेलश महिलाओं के साथ शव बरामदगी की मांग को लेकर धरने पर बैठक गई थी।
दो दिन पहले एसीएम व सीओ दौराला पंकज सिंह ने रास्ता बनाने के बाद खोदाई कराकर शव बरामदगी का आश्वासन दिया था। लेकिन रूपक की मां ने शव बरामदगी तक धरना देने की बात कही थी। आरोप है कि गुरुवार को पुलिस धरनास्थल पर पहुंची और धरना खत्म करने का दबाव बनाया।
जब उन्होंने मना कर दिया तो महिला कांस्टेबल उन्हें घसीटते हुए एंबुलेंस तक ले गई और जबरन अनशन खत्म कराया। इस दौरान उनके साथ अभद्रता की गई। बेटे ने वीडियों बनाने का प्रयास किया तो उसे भी धमकाया गया। वहीं, आसपास मौजूद पड़ोसियों ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें भी धमका कर शांत करा दिया।
उन्होंने कहा कि वह अपने बेटे के शव की बरामदगी की मांग कर रही है। इसके बावजूद भी पुलिस प्रशासन लगातार उन पर दबाव व अभद्रता कर रहा है। अधिकारी मौन बने हुए है। वापस लौटने के बाद उन्होंने दोबारा अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस उन पर कितना भी दबाव बना ले वह शव बरामदगी तक अनशन नहीं खत्म करेंगी।