मेरठ। पंचनामे की कार्रवाई से बचने के लिए नौचंदी पुलिस ने जिस शव को लोहिया नगर में फेंका था उसकी शिनाख्त अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पहचान कराने में जुटी हुई है। वहीं निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों की जांच भी शुरू कर दी गई है। एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने पर दोषियों को दंडित किया जाएगा।
दरअसल शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी फुटेज वायरल हुई थी जिसमें बाइक पर सवार दो पुलिसकर्मियों ने एक ई-रिक्शा में शव लाकर लोहिया नगर क्षेत्र में फेंक दिया था। दोनों पुलिसकर्मी नौचंदी थाना क्षेत्र की एल ब्लॉक चौकी पर तैनात थे। पुलिसकर्मियों ने यह शर्मनाक हरकत जांच और पंचनामे की कार्रवाई से बचने के लिए की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने शास्त्रीनगर एल. ब्लाॅक चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार, बीट कांस्टेबल राजेश को निलंबित कर दिया था। वहीं इस मामले में शामिल होमगार्ड रोहताश की सेवा समाप्त करने के लिए होमगार्ड कमांडेंट को चिट्ठी भेजी थी।
बाद में लोहिया नगर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम हाउस में भेज दिया था। शनिवार को पूरे दिन पुलिस ने मेरठ और आसपास के जिलों में शव की पहचान कराने का प्रयास किया लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी। जिसके बाद सोशल मीडिया पर मृतक के फोटो शेयर कर दिए गए। एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा ने बताया कि जिन पुलिसकर्मियों ने यह हरकत की है उनके खिलाफ सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज है। ऐसे में जांच के बाद उनको दंडित किया जाएगा। मृतक के शव की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। युवक की मौत के कारण के बारे में एसएसपी का कहना है कि शव पर चोट का एक भी निशान नहीं मिला है। हत्या, हादसा या ठंड से मौत हुई है यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा। 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा।