संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। झड़ाका गांव में 26 सितंबर की रात दो भैंसा, दो भैंस और एक गाय चोरी हो गई थी, जिसका पुलिस एक सप्ताह बाद भी सुराग नहीं लगा पाई, जिससे पीड़ित परिवार परेशान है।
शनिवार को राजवती ने तहसील समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने चोरी हुए पशुओं की बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राजवती के अनुसार, चोरी हुए पशुओं की कीमत करीब तीन से चार लाख रुपये है, जो उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का जरिया थे। ग्रामीणों ने दो दिन पहले थाने पर प्रदर्शन कर चोरों की गिरफ्तारी की मांग की थी पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इससे पहले चेतावाला निवासी चिम्मन का करीब डेढ़ लाख रुपये का भैंसा भी चोरी हो चुका है। पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिसमें बिना नंबर प्लेट की गाड़ी दिख रही है। सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि पुलिस चोरों का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
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एक सप्ताह बाद भी पशु चोर गिरोह पुलिस की पकड़ से दूर
झड़ाका में दो झोटे, दो भैंस और गाय चोरी का मामला,
हस्तिनापुर। झड़ाका गांव में 26 सितंबर की रात घेर का ताला तोड़कर दो झोटे, दो भैंस और एक गाय चोरी किए जाने के मामले में एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पशुओं का सुराग नहीं लगने से पीड़ित परिवार परेशान है। शनिवार को पीड़िता ने तहसील समाधान दिवस में शिकायत देकर पशुओं की बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
झड़ाका निवासी राजवती पत्नी अतर सिंह ने बताया कि उन्होंने समाधान दिवस में शिकायत करते हुए बताया कि 26 सितंबर की रात उन्होंने घेर में पशुओं को बांधकर ताला लगाया था और घर चली गई थीं। अगले दिन सुबह घेर पहुंचने पर ताला टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो दो झोटे, दो भैंस और एक गाय गायब थीं। आसपास और गांव में काफी तलाश करने के बाद भी पशुओं का कोई पता नहीं चला। पीड़िता के अनुसार चोरी हुए पशुओं की कीमत करीब तीन से चार लाख रुपये है। पशुपालन के सहारे परिवार की आर्थिक स्थिति से सुधारने की उम्मीद से वह पालन कर रहे थे। पशु चोरों की गिरफ्तारी को लेकर ग्रामीणों ने दो दिन पूर्व सैकड़ो की संख्या में थाने पर पहुंचकर हंगामा प्रदर्शन करते हुए कार्रवाई की मांग की थी परंतु उसके बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस घटना से पहले चेतावाला निवासी चिम्मन का करीब डेढ़ लाख रुपये कीमत का भैंसा भी घेर से चोरी हो चुका है। पीड़ित के अनुसार चोर रात में भैंसे की जंजीर काटकर उसे ले गए थे। मजदूरी की कमाई से खरीदे गए भैंसे का अभी तक सुराग नहीं लग सका है। दोनों ही पशुपालक अपने-अपने पशुओं की बरामद की और चोरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लगातार थाना और पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जिस गाड़ी में पशुओं को चोरी कर कर ले गए हैं उसे गाड़ी पर नंबर प्लेट नहीं थी एक सीसीटीवी कैमरा पुलिस के हाथ लगा है परंतु अभी गाड़ी की पहचान नहीं हो सकी है।
इस मामले सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि पुलिस चोरों का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।