घरेलू कलह के चलते पुलिस लाइन में सिपाही ने गर्भवती पत्नी महिला सिपाही की बिजली की वायर से गला घोंटकर और पीट- पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद सिपाही ने खुद भी पंखे पर लटककर जान दे दी। सुसाइड नोट में मौत का जिम्मेदार महिला सिपाही के जीजा और मौसा-मौसी को बताया गया है। सीओ ओमपाल सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने कहा जांच बैठा दी गई है।
सहारनपुर के न्यू गोपाल नगर निवासी महिला सिपाही ज्योति रूहेला पुत्री स्वर्गीय सुरेंद्र कुमार वर्तमान समय में बागपत की आरटीआई सेल में तैनात थी। उसका पति सिपाही वीरेंद्र रूहेला पुत्र राजाराम, गांव भावा रसूलपुर थाना शेरगढ़ जिला बरेली वर्तमान समय में लखनऊ के थाने काकोरी में तैनात था।
दंपति पुलिस लाइन बागपत की तीसरे फ्लोर पर रह रहे थे। सीओ ओमपाल सिंह ने बताया कि आरआई को सूचना मिली, इसके बाद करीब आठ बजे पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। बेड के बगल में महिला सिपाही की लाश पड़ी मिली, उसके गले में पानी गर्म करने की रॉड की वायर था। इसके अलावा कई जगह पीटे जाने के निशान मिले हैं। बगल में ही पंखे पर सिपाही वीरेंद्र का शव लटका मिला।
दोनों के शव उतरवाकर परिजनों को सूचना दी गई और प्रकरण की छानबीन की जा रही है। महिला सिपाही के हाथ पीछे की तरफ बंधे हैं। सीओ ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट मिला है, इसमें वीरेंद्र ने मौत की वजह अपनी पत्नी के जीजा और मौसा-मौसी को बताया है। इसकी जांच की जा रही है। पिछले वर्ष नवंबर में ही दोनों की शादी हुई।
दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप
ज्योति की मौसी कविता देर रात बागपत पहुंच गई। उसने बताया कि ज्योति ने दहेज रहित विवाह किया, लेकिन शादी के बाद से ही वीरेंद्र उस पर पांच लाख रुपये का दबाव बना रहा था। यह भी आरोप लगाया कि वह लखनऊ से सीधे सहारनपुर जाता था, इसके बाद ज्योति को बागपत से सहारनपुर बुलाया। फिर दोनों बागपत आते थे। रविवार को वह लखनऊ से सीधे बागपत पहुंचा और वारदात को अंजाम दिया।