लखनऊ/मेरठ। मेरठ की सदर पुलिस ने लखनऊ निवासी व्यापारी आदित्य रस्तोगी को बेवजह कई घंटे थाने में बैठाए रखा। शिकायत डीजीपी तक होने के बाद उन्हें थाने से छोड़ा गया।
लखनऊ के व्यापारी आदित्य के मेरठ के दूसरे समुदाय के एक व्यापारी पर 15 लाख रुपये बकाया हैं। वह सदर बाजार थाना क्षेत्र में रहता है। आदित्य दो साल से उसे ढूंढ रहे हैं लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इस बीच आदित्य को पता चला कि सोमवार को स्थानीय व्यापारी के बेटे-बेटी की शादी है। शादी में व्यापारी जरूर शामिल होगा, यह सोचकर आदित्य दो दिन पहले मेरठ पहुंच गए थे।
आदित्य ने घंटाघर स्थित एक होटल में कमरा बुक किया और लगातार व्यापारी से बात करते रहे। मेरठ के व्यापारी ने कहा कि आपके पास अभी राणा स्टील वालों का फोन आएगा। वह जहां कहें, चले जाना। आपका काम हो जाएगा। इतनी देर में इंस्पेक्टर सदर बाजार बिजेंद्र सिंह राणा का फोन आदित्य के मोबाइल पर पहुंचा और उन्होंने उन्हें सदर बाजार थाने में बुला लिया। वहां आदित्य को पैसे देने के बजाय कई घंटे तक बिठाए रखा। इस दौरान आदित्य अपना गुनाह पूछते रहे लेकिन पुलिस ने उनकी कोई बात नहीं सुनी।
इसके बाद डीजीपी से शिकायत के बाद आदित्य को छोड़ा गया। मामले में इंस्पेक्टर सदर का कहना है कि शिकायत मिली थी कि आदित्य शादी में हंगामा करने आ रहे हैं। इसलिए उनको थाने में बुलाया गया था। उन्होंने थाने में लिखकर दिया है कि वह शादी समारोह में नहीं जाएंगे। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।