आरोपियों के पास बरामद किए गए तमंचे
- फोटो : amar ujala
ढाबे का खर्च न निकलने पर की लूट की वारदातें
एसपी नित्यानंद राय ने बताया कि इस गैंग का सरगना और मास्टमाइंड फारूख है। फारूख ने हाईवे पर गुज्जरपुर के निकट एक अन्य ढाबा करीब 12 हजार रुपये प्रति माह किराये पर लिया था। एसपी के मुताबिक ढाबे का खर्च न निकल पाने की वजह से उसने लूट करने की योजना बनाई। उसने अपने गांव के दो साथियों शावेज व शोएब को शामिल कर लिया।
सीओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि दो नवंबर की रात को उन्होंने टपराना के निकट खालसा पंजाबी ढाबा पर कर्मचारियों को बंधक बनाकर तीन मोबाइल, करीब साढ़े सात हजार रुपये गल्ला समेत लूट लिया था। इसके अगले दिन इस ढाबे से करीब आठ किलोमीटर दूर अहमदगढ़ के निकट नालागढ़ पंजाबी ढ़ाबे पर इसी तरह वारदात कर करीब पांच हजार रुपये और एक मोबाइल लूट लिया था। पकड़े गए बदमाशों के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।
सर्विलांस के सहारे बदमाशों तक पहुंची पुलिस
ढाबों पर लूटपाट करने वाले बदमाश नौसिखिए निकले। पुलिस पूछताछ में उन्होंने इनसे पहले कोई आपराधिक घटना करना नहीं बताया। इन दोनों घटनाओं में मोबाइल लूटकर ले जाने से पुलिस की राह आसान हो गई। सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस बदमाशों तक पहुंचने में कामयाब हुई।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/