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Meerut News: नगर पंचायत की लापरवाही से खंभा गिरा, बाइक सवार की मौत, दो घायल

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- मुआवजे की मांग के लिए सीएचसी पर परिजनों ने किया हंगामा
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-पोस्टमार्टम कराने से किया इन्कार, अधिकारियों के आश्वासन पर माने परिजन
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बहसूमा/हस्तिनापुर। थाना भावनपुर क्षेत्र के गांव मेदपुर निवासी सुंदर लाल (55) सोमवार को अपनी बेटी अर्चना से मिलने के लिए गांव मोड़ आए थे। शाम करीब 4:00 बजे वह अपने दामाद अंकित के साथ बाइक से बहसूमा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बहसूमा नगर पंचायत का स्ट्रीट लाइट का पोल अचानक गिर गया। पोल की चपेट में आने से सुंदर लाल उसके नीचे दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे में उनका दामाद अंकित (24) और अर्पित (15) निवासी मोहल्ला बसी घायल हो गए।
हादसे के बाद बहसूमा पुलिस और रिश्तेदार सुंदर लाल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हस्तिनापुर लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन रिश्तेदार और ग्रामीण सीएचसी हस्तिनापुर पहुंच गए। जहां परिजनों ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने मृतक का पोस्टमार्टम कराने से भी इन्कार कर दिया।
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सूचना पर एसडीएम मवाना संतोष कुमार सिंह और सीओ पंकज लवानिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़े रहे। करीब दो घंटे हंगामा प्रदर्शन के बाद नगर पंचायत बहसूमा के चेयरमैन सचिन सुकड़ी मौके पर पहुंचे और उन्होंने हर संभव आर्थिक मदद और मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार हुए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि हादसे में मौत हुई है। परिजन जो भी तहरीर देंगे, उसके अनुसार प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

हैंडपंप बोरिंग का काम करते थे सुंदर लाल
सुंदर लाल गांव मेदपुर में हैंडपंप बोरिंग का काम करते थे। उनके परिवार में तीन बच्चे अर्चना, दीपांशी और शुभम हैं। अर्चना और दीपांशी की शादी हो चुकी है, जबकि शुभम अभी पढ़ाई कर रहा है। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है। ग्रामीणों ने नगर पंचायत बहसूमा के जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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ऐसे हुआ हादसा
बहसूमा। कस्बे के उत्तरी छोर स्थित ढाबे के पास सोमवार करीब 3:45 बजे नगर पंचायत कर्मचारी बिजली का खंभा हटा रहे थे। नगर पंचायत कर्मचारी ने लिफ्टर (हाइड्रा) से खंभे में रस्सी बांधकर वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर दिया। इसके बाद एक कर्मचारी अकेले ही खंभे के बोल्ट खोलने लगा। उस समय मुख्य मार्ग पर यातायात रोकने के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं था। जैसे ही बोल्ट खुले, खंभा सड़क की ओर गिर पड़ा और उसी समय वहां से गुजर रही बाइक उसकी चपेट में आ गई। सुंदरलाल कस्बा निवासी अंकित के ससुर थे। वह मोड़ खुर्द स्थित बैंक से करीब 90 हजार रुपये निकालकर लौट रहे थे। लोगों ने कहा कि यदि खंभा हटाने के दौरान यातायात रोका गया होता और पर्याप्त कर्मचारी मौजूद होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। नगर पंचायत चेयरमैन सचिन सुकड़ी का कहना है कि बिजली विभाग के एसडीओ मवाना ने कांवड़ यात्रा के मद्देनजर फोन कर सड़क किनारे खड़े पोल को हटाने के निर्देश दिए थे। ठेकेदार के अस्थायी कर्मचारी द्वारा खंभे को हटाते हुए हादसा हो गया।
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