प्रधानमंत्री की जनसभा को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के संपर्क वाले नौ जिलों और शहरों तक ही सीमित कर दिया गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर ने बताया कि बागपत, मेरठ, मेरठ महानगर, गाजियाबाद, गाजियाबाद महानगर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर जिले की सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्र के लोगों से ही जनसभा में पहुंचने का आह्वान किया जाएगा। शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के जनप्रतिनिधियों को भी मंच से दूर रखने की कवायद है। इसकी वजह यहां पर चुनाव होना बताया गया है।
इन्हें दी गई खास जिम्मेदारी
बागपत। भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम की जिम्मेदारी संगठन के पांच नेताओं को दी। केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह के अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष दया शंकर सिंह, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, प्रदेश मंत्री वाईपी सिंह, हरिद्वार दुबे और क्षेत्रीय मंत्री सतेंद्र सिसौदिया पर व्यवस्था और संख्या की जिम्मेदारी रहेगी।
पीएम के पिटारे से क्या निकलेगा खास
लोगों की निगाह अब इस बात पर टिक गई है कि वेस्ट यूपी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खेकड़ा में क्या घोषणा करेंगे। हालांकि बिजनौर और शामली में उपचुनाव होने के कारण किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद कम है। इसके बाद भी लोगों को उम्मीद है कि एक्सप्रेस-वे के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता को कोई तोहफा जरूर देंगे। पिछले लोकसभा चुनाव की रैली के बाद पहली बार प्रधानमंत्री बागपत आ रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले उनके इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सियासत में बढ़ेगा सत्यपाल सिंह का कद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा बागपत में कराने के लिए सहमति बनाने में केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने अहम भूमिका निभाई। दिल्ली की सियासत में एक बार फिर उन्होंने मजबूत पकड़ साबित कर दी है। वेस्ट यूपी में साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बागपत की जनसभा बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के चार साल पूरे होने के बाद आ रहे हैं, ऐसे समय में वह इन चार साल में कराए कार्य गिनाकर वेस्ट यूपी में लोकसभा चुनाव का माहौल तैयार करने की कोशिश करेंगे।
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