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Meerut: पीएम मोदी ने याद किए मंगल पांडे, शहीद स्मारक में एक फूल को तरसी प्रतिमा, 1857 की क्रांति को भूले जनप्रतिनिधि और अधिकारी

Wed, 20 Jul 2022 11:59 AM IST
Dimple Sirohi दीपक भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में जनप्रतिनिधि और अधिकारी1857 की क्रांति के शहीद को भूल गए। प्रधानमंत्री ने फेसबुक और ट्विटर पर शहीद स्मारक में लगी प्रतिमा पर नमन करते तस्वीर पोस्ट की लेकिन मेरठ के शहीद स्मारक पर शहीद मंगल पांडे की प्रतिमा जयंती पर एक फूल का तरसती रही।
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पीएम मोदी ने पोस्ट की तस्वीर लेकिन मेरठ में शहीद को भूले शहरवासी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1857 की क्रांति के शहीद मंगल पांडे को उनकी जयंती पर याद किया। पीएम ने मेरठ के शहीद स्मारक में लगी मंगल पांडे की प्रतिमा के समक्ष नमन करते हुए दो जनवरी को ली गई तस्वीर मंगलवार को अपने फेसबुक और ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट की। वहीं मेरठ के किसी भी अधिकारी और जनप्रतिनिधि ने मंगल पांडे की प्रतिमा को एक फूल तक अर्पित नहीं किया। हालांकि दोपहर एक बजे तक इंतजार करने के बाद शहीद स्मारक संग्रहालय के अध्यक्ष पतरु ने स्टाफ के साथ शहीद स्मारक में पुष्प अर्पित किए।
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 आजादी के अमृत महोत्सव के तहत देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पंद्रह अगस्त पर हर घर तिरंगा अभियान चलाया जाएगा। इसके बावजूद 1857 की क्रांति के शहीद मंगल पांडे के प्रति बेरुखी अफसरों जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के नेताओं पर सवाल खड़े करती है।

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शहर में कई ऐसे संगठन है जो आजादी की मशाल लेकर अपने खुद को आगे करने की होड़ में रहते हैं। उन्होंने भी इस दिन को भुला दिया। शहर में स्वतंत्रता संग्राम परिषद से लेकर अन्य देशभक्ति कार्यक्रमों में आगे रहने वाली संस्थाओं के सदस्य भी कहीं नजर नहीं आए। प्रधानमंत्री दो जनवरी 2022 को खेल विवि के शिलान्यास कार्यक्रम के लिए मेरठ आए थे। तब उन्होंने शहीद स्मारक पर 23 मिनट का समय दिया था। उन्होंने मंगल पांडे को नमन करते हुए जो तस्वीर पोस्ट की है वह दो जनवरी को ही ली गई थी।

नहीं होती साफ-सफाई, विभाग भूले जिम्मेदारी
शहीद स्मारक में नए राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय में लगाई गई वीथिकाओं का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री ने किया था। इसके बाद भी संग्रहालय की साफ-सफाई की जिम्मेदारी भी कोई विभाग लेने को तैयार नहीं है। संग्रहालय अध्यक्ष ने कई बार कमिश्नर सुरेंद्र सिंह से भी संपर्क किया। उन्होंने तत्काल नगर निगम को सफाई कराने के लिए कर्मचारी उपलब्ध कराने के लिए कहा, लेकिन दो दिन सफाई होने के बाद फिर बंद कर दी गई।

मेरठ क्रांति से पूर्व बैरकपुर में शहीद हो गए थे मंगल पांडे
मंगल पांडे का जन्म 19 जुलाई 1827 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा गांव में हुआ था। वह 1849 में 22 साल की उम्र में ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में शामिल हो गए। मंगल पांडे 34वीं बंगाल नेटिव इंफेंट्री की छठी कंपनी में एक सैनिक थे। मेरठ में क्रांति की शुरूआत 10 मई को हुई थी। इससे पूर्व आठ अप्रैल 1857 को मंगल पांडे को पश्चिमी बंगाल के बैरकपुर के लाट बागान में कोर्ट मार्शल के बाद अंग्रेजों ने फांसी दे दी थी। माना जाता है कि उनकी शहादत के बाद भारतीयों में आक्रोश भड़क गया।
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