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पीएम मोदी ने मन की बात में सुनाई प्रियंका की संघर्ष गाथा

Mon, 28 Jun 2021 12:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)/मेरठ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मेरठ की खिलाड़ी प्रियंका गोस्वामी की संघर्ष गाथा को बयां किया। इससे शहरवासियों का सिर गर्व से ऊंचा हो गया। पीएम के मुख से जब पिता मदनपाल ने अपना नाम सुना तो वह भावुक हो गए। प्रधानमंत्री ने मेडल और गिफ्ट में मिलने वाले बैग का भी जिक्र किया। बंगलूरू में अभ्यास कर रहीं प्रियंका ने सोशल मीडिया के जरिये प्रधानमंत्री का आभार जताया। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में खिलाड़ियों ने कार्यक्रम का प्रसारण देखा।
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प्रियंका मुजफ्फरनगर के गांव गढ़मलपुर सागड़ी की रहने वाली है। प्रधानमंत्री ने रविवार को कार्यक्रम की शुरुआत उड़न सिख मिल्खा सिंह के स्वर्गवास पर दुख जताने के साथ की। उसके बाद उन्होंने ओलंपिक कोटा लेने वाले देशभर के खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इसी बीच पीएम ने ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुकीं मुजफ्फरनगर की मूल निवासी एथलीट प्रियंका गोस्वामी का जिक्र किया। कहा प्रियंका के पिता ने बस कंडक्टर होने के बावजूद संघर्ष करते हुए बेटी को इस मुकाम तक पहुंचाया। पीएम ने 26 सेकंड में प्रियंका को टोक्यो में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। स्टेडियम में कार्यक्रम के दौरान प्रियंका के पिता मदनपाल सिंह, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, सांसद प्रतिनिधि हर्ष गोयल, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर, बॉक्सिंग संघ सचिव पवन भार्गव, भाजपा पार्षद ललित नागदेव, कोच प्रदीप चिन्योटी, सत्यप्रकाश राघव, कोच गौरव त्यागी, साक्षी जौहरी, तन्वी मौजूद रहीं।
गांव में हर्ष की लहर, पिता हैं बस कंडक्टर
बुढ़ाना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात में कहा है कि प्रियंका का जीवन बहुत बड़ी सीख देता है। परिवार बहुत संपंन नहीं है, लेकिन प्रियंका का हौसला सराहना योग्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात में प्रियंका हौसला बढ़ाने से गांव में खुशी की लहर है। परिवार व गांव वालों का कहना है कि उनकी बेटी ने अपना ही नहीं जनपद का नाम ऊंचा किया है। प्रियंका गोस्वामी ने अपने पड़ोसी गांव कुरावा से पांचवीं की कक्षा पास थी। पिता बस कंडक्टर हैं। पांचवीं कक्षा पास करने के बाद वह अपने माता पिता के साथ मेरठ चली गई थी। गांव में रहने वाले उसके ताऊ रामपाल, चाचा सोमपाल व सेवा, ताई माया, मिथलेश व अनीता का कहना है कि उनकी बेटी ने उनके परिवार का ही नहीं पूरे गांव व जनपद का नाम रोशन किया है। उन्हें अपनी बेटी पर नाज है। संवाद
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ओलंपिक तक पहुंचने का सपना हुआ पूरा, अब गोल्ड पर निशाना
बुढ़ाना। वाकिंग रेस खिलाड़ी प्रियंका गोस्वामी टोक्यो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। मोबाइल पर बातचीत में उन्होंने बताया कि ओलंपिक तक पहुंचने का उनका सपना पूरा हो चुका है। अब गोल्ड पर निशाना है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर वह देश का नाम रोशन करना चाहती हैं।
पिता बोले, बेटी ने बढ़ाया मान
मेरठ। माधवपुरम निवासी प्रियंका के पिता मदनपाल गोस्वामी प्रधानमंत्री के मुख से बेटी की तारीफ सुनकर काफी खुश हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रियंका को दौड़ता देख उनकी आंखें नम हो गईं। कहा कि बेटी के कारण आज उनका मान बढ़ गया है। मेरी बेटी ने बहुत संघर्ष किया, एक समय का खाना गुरुद्वारा में खाया और खेलों में यहां तक पहुंची। उन्होंने कहा सभी का प्यार और आशीर्वाद रहा तो प्रियंका ओलंपिक में पदक जरूर जीतेगी। संवाद
पिता का सम्मान लौटाने की मांग
प्रियंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया है। सोशल मीडिया पर मन की बात का वीडियो शेयर किया। प्रियंका ने बताया कि रेलवे विभाग से फोन आने पर उन्हें कार्यक्रम की जानकारी मिली। प्रियंका ने प्रधानमंत्री से अपनी पिता की नौकरी लौटाने की अपील की।
जरूर पदक जीतेगी प्रियंका
कोच गौरव त्यागी ने कहा प्रधानमंत्री के हौसला बढ़ाने से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा। उन्हें विश्वास है कि प्रियंका पैदल चाल स्पर्धा में पदक जरूर जीतकर लौटेगी।
नौकरी के लिए परिवहन विभाग से करेंगे बात
-देश की बेटी ओलंपिक खेलने जा रही है। प्रधानमंत्री उसका हौसला बढ़ा रहे हैं, उसकी समस्याओं का समाधान करना हमारी प्राथमिकता में है। राजेंद्र अग्रवाल, सांसद
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