जिले की सीमा में 100 किलोमीटर लंबाई में काम पूरा कराने के लिए प्रशासन ने उप्र एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को गंगा एक्सप्रेसवे बनवाए जाने में आने वाली कठिनाइयों को दूर कराया, इससे जिले में काम ने गति पकड़ी, इससे काम पूरा हो पाया है। जिले में तहसील शाहाबाद, सवायजपुर और बिलग्राम के गांवों से भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शीर्ष प्राथमिकता में से एक भारत के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को छह लेन में बनवाया गया है। इसे आठ लेन तक बढ़ाए जाने के लिए पहले से ही भूमि को अधिग्रहीत किया गया है। जिले की सीमा में अडानी समूह के माध्यम से एक्सप्रेसवे को बनवाया गया है।
वहीं प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम के दृष्टिगत बुधवार को जिलाधिकारी अनुनय झा ने पुलिस अधीक्षक एके मीणा, विधायक आशीष सिंह आशू और अधिकारियों के साथ मल्लावां के मोहल्ला बंदीपुर के पास सभास्थल से लगाकर पार्किंग स्थल तक के लिए जगह को देखा। काम पूरा होने के बाद भी गंगा एक्सप्रेसवे काे यातायात के लिए अभी खोला नहीं गया है।
इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने गंगा एक्सप्रेसवे पर राघौपुर मार्ग पर बने कट के पास मोहल्ला बंदीपुर के सामने सभास्थल , एक्सप्रेसवे पर हैलीपेड के लिए स्थान को चिह्नित किया। राघौपुर रोड पर ही वाहनों की पार्किंग के लिए कटरा व कलेनापुर में भूमि को देखा। डीएम ने यूपीडा, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेलीपैड सहित अन्य व्यवस्थाएं जुटाने के निर्देश दिए।
गंगा एक्सप्रेसवे की जनपद से जुड़ी फैक्ट फाइल
- 99.100 किलोमीटर लंबाई
-120 मीटर चौड़ाई
-88 प्रभावित गांव
-1133.1335 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि का अधिग्रहण