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गंगा के खादर में प्लेज का खेल शुरू

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गंगा के खादर में प्लेज का खेल शुरू
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परीक्षितगढ़/हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के खरखाली गंगा घाट पर करीब सौ एकड़ भूमि पर प्लेज लगाने का सिलसिला जोरों पर है। इसलिए यहां मुर्गी प्लांट समेत अन्य कई जहरीली खाद एकत्रित की जा रही है। वहीं, प्लेज लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
केंद्र की नमामि गंगे महत्वाकांक्षी योजना को कुछ भूमाफिया गंगा को प्रदूषित करके पलीता लगा रहे हैं। गंगा किनारे करीब सौ एकड़ भूमि पर बाहर के जिलों से आए लोग प्लेज लगा रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कुछ भूमाफिया गंगा किनारे की भूमि को ठेके पर देकर प्लेज लगवा रहे हैं। इतना ही नहीं गंगा किनारे मुर्गी प्लांट से आ रही जहरीली खाद से गंगा को प्रदूषित किया जा रहा है। बसपा सरकार में अवैध कब्जे को लेकर संघर्ष हो चुका है।
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ढाई हजार रुपये प्रति बीघा भूमि
सूत्रो के अनुसार खादर क्षेत्र व अन्य लोग गंगा की भूमि को बाहरी लोगों को ढाई हजार रुपये प्रति बीघा भूमि ठेके पर दे रहे हैं। शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी भी उन्होंने ले रखी है। उधर, ये लोग गंगा को प्रदूषित करने के लिए लोग कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
नमामि गंगे परियोजना को लगाया पलीता
नमामि गंगे एवं स्वच्छ गंगा परियोजना अंतर्गत गंगा को स्वच्छ बनाया जा रहा है। वहीं, कुछ भूमाफिया गंगा की भूमि पर प्लेज लगवाकर उसे प्रदूषित करा रहे हैं। जिसमें शासन-प्रशासन भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जिसके चलते प्रशासन भी इस मामले में संदिग्ध लग रहा है।
मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत
ग्राम आसिफाबाद नमामि गंगे के प्रदेश कार्यकारणी सदस्य महेंद्र गिरी व भाजपा नेता प्रवीण शर्मा, भाजपा युवा जिला महामंत्री तरुण कोशिक, प्रधान बलराज गुर्जर ने बताया कि गंगा की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद कुछ भूमाफिया इसे प्रदूषित कर रहे हैं। इसकीह मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ से की जाएगी।
हस्तिनापुर क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम गंगा घाट एवं मखदूमपुर गंगा घाट के बड़े भूभाग पर प्लेज लगाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। यहां तैयारियां पूर्ण हो गई हैं। लोगों ने अपने आशियाने बनाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि शासन-प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की है।
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मुर्गी फार्म में तैयार खाद का भी प्रयोग
मुर्गी फार्म में तैयार खाद की बदबू के चलते आसपास खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है। प्लेज लगाने के लिए तीन से चार फुट गहरे गड्ढे खोदे जाते हैं। एक गड्ढे में मुर्गी फार्म की यह खाद 500 ग्राम प्रयोग की जाती है। इस समय लेखपालों की हड़ताल चल रही है। इसका फायदा उठाकर कुछ लोगों ने गंगा के किनारे पड़ी खाली सरकारी अवैध भूमि पर प्लेज लगा रहे हैं।
जल्द ही जांच के लिए टीम गठित की जाएगी। वहीं, गंगा को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- ऋषिराज, एसडीएम, मवाना
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