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स्टेडियम में अभ्यास को लेकर विवाद, दो प्रशिक्षुओं में बढ़ी तकरार

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मेरठ। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में खिलाड़ियों को इन दिनों अभ्यास में भारी परेशानी हो रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि सेना भर्ती की तैयारी कर रहे करीब 200 युवा स्टेडियम में प्रतिदिन अभ्यास कर रहे हैं, जबकि स्टेडियम में पंजीकृत 70 खिलाड़ियों को अभ्यास करने का मौका नहीं मिल पा रहा है। नये एथलेटिक कोच गौरव गहलौत ने इसका विरोध जताते हुए उच्च अधिकारियों से शिकायत भी की है।
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कैलाश प्रकाश स्टेडियम खिलाड़ियों के अभ्यास के लिये बेहतरीन प्वाइंट है। यही कारण है कि खिलाड़ियों के अलावा आम लोगों की स्टेडियम में भारी भीड़ रहती है, लेकिन इन दिनों यहां खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। एथलेटिक कोच गौरव गहलौत ने बताया प्रतिदिन स्टेडियम में गैर पंजीकृत करीब 200 युवा दौड़ लगाने आते हैं। जिनमें सभी युवा पुलिस, सेना सहित अन्य विभागों में जाने के लिए स्टेडियम में दौड़ का अभ्यास कर रहे हैं, ऐसे में एथलेटिक्स के खिलाड़ियों को अभ्यास करने में खासी दिक्कत आ रही है। उनका कहना है कि खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास का मौका नहीं मिलेगा तो उनका खेल स्तर गिरने लगेगा। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत उन्होंने क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर और लखनऊ में उच्च अधिकारियों से शिकायत की है। सेना भर्ती की तैयारी के लिए अलग मैदान की व्यवस्था की जानी चाहिए।
सेना में ही तैयार होते हैं असली खिलाड़ी
सेना भर्ती की तैयारी करा रहे जिला एथलेटिक संघ के कोच गौरव त्यागी के मुताबिक वे सेना व अन्य विभागों के लिए दिव्यांग व अन्य युवाओं को तैयार कर रहे हैं। सेवा में जाकर ये युवा अच्छे खिलाड़ी के तौर पर उभरेंगे। जिले में एक मात्र स्टेडियम है। ऐसे में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को कहां लेकर जाएं। कुछ लोगों को राजनीति करना ज्यादा अच्छा लगता है। वे इस मामले में वो उच्च अधिकारियों से वार्ता करेंगे। गौरव त्यागी ने बताया स्टेडियम में बिना पंजीकरण कोई भी खिलाड़ी प्रवेश नहीं कर सकता। ये सभी आरोप गलत हैं, वो सिर्फ दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने आते हैं।
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दोनों पक्षों की समस्या का करेंगे समाधान
गौरव गहलौत का इसी सत्र में अंशकालिक कोच के लिए लखनऊ खेल विभाग की ओर से चयन हुआ है। उनको दूसरे कोच से परेशानी हो सकती है। गौरव त्यागी स्टेडियम के कोच नहीं हैं, लेकिन दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। ऐसे में दोनों को अभ्यास कराने के लिए अपना समय निश्चित करना होगा। मामले में दोनों कोच से बैठकर वार्ता होगी, हल नहीं निकला तो उच्च अधिकारियों के समक्ष मामला पुहंचाया जाएगा। - आले हैदर, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी
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