इसमें विद्यार्थी जहां फैशन शो में पानी की बूंद बनकर रैंप वॉक कर रहे हैं तो नाटकों में दादी-नानी बनकर संदेश दे रहे हैं। सेंट जोंस स्कूल में जल संरक्षण समिति का गठन किया गया है। केएल इंटरनेशनल स्कूल में कक्षाओं में छात्रों को विशेष संबोधन दिया जा रहा है। वहीं सिटी वोकेशनल पब्लिक स्कूल में छात्रों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
इस तरह बताए जा रहे जल संरक्षण के टिप्स
- ब्रश करते वक्त, नहाते वक्त बेवजह नल न चलाएं
- पानी को दोबारा करना सीखें
- ग्लास, बोतल में उतना ही पानी लें जितना पी सके, बचा हुआ पानी नाली में बहाने की बजाय गमलों में डालें या वॉशरूम के लिए एक बॉल्टी में स्टोर करें
- फ्लश टैंक में पानी की खाली बोतल डाल दें ताकि उसकी स्टोरेज क्षमता कम हो और बेवजह पानी बहने से बचे
- आरओ से निकलने वाले पानी को स्टोर कर लें
- कपड़ों के पानी को पोछे में प्रयोग करें, वाहन को पाइप के बजाय गीले कपड़े से साफ करें।
सीबीएसई कर रहा पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति बहुत गंभीर है। मन की बात में भी पीएम कई बार प्रकृति संरक्षण की बात कह चुके हैं। पीएम के इस संदेश से छात्रों को जोड़ने के लिए सीबीएसई यह पहल कर रहा है। देशभर के स्कूलों में यह अभियान चलाए जा रहे हैं। स्कूलों में नवग्रह वाटिका, औषधीय पौधों की वाटिका, हर्बल गार्डन व रेन वाटर हार्वेटिंग के प्रोेजेक्ट होने हैं। - मनीष अग्रवाल, क्षेत्रीय अधिकारी सीबीएसई