शहर में दंगा कराने की बड़ी साजिश थी। कपड़ा व्यापारी के पुत्र ओसामा की मौत पर पहुंची भीड़ को उकसाने के लिए पांच लोग पहुंचे थे। यही पांच लोग अस्पताल से सटी कॉलोनी के लोगों को भी भड़का रहे थे। गनीमत रही कि पुलिस ने लाठीचार्ज कर हालात को काबू में किया। खुफिया विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक एक्सीडेंट में युवक की मौत पर बवाल के पीछे कुछ लोगों के इरादे बहुत खराब थे। बवाल को सांप्रदायिक रुप देकर माहौल खराब कराना का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने इन पांचों युवकों की तलाश शुरू कर दी है।
कोतवाली थाने का घेराव, हंगामा
नेशनल लोकमत पार्टी के अध्यक्ष मोहम्मद इकबाल और युवा सेवा समिति अध्यक्ष बदर अली के नेतृत्व में शनिवार को गुदड़ी बाजार के लोगों ने कोतवाली घेर ली। आरोप लगाया कि ओसामा की मौत होने के बाद अब पुलिस उनके परिवार के लोगों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है। गाड़ियों में तोड़फोड़ करना भी लोगों ने कबूल किया, लेकिन बवाल कराने के पीछे दूसरे लोगों का हाथ बताया। जोकि पीड़ित परिवार के लोगों को भड़का रहे थे। सीओ कोतवाली कुमार रणविजय सिंह ने लोगों को समझाते हुए कहा कि पुलिस बेकसूर लोगों को नहीं पकड़ेगी। बवाल, मारपीट, तोड़फोड़ और आगजनी का प्रयास करने वाले जेल जाएंगे।
गुदड़ी बाजार, शाहपीर गेट में सन्नाटा
माहौल खराब होने के अंदेशे को देखते पुलिस ने ओसामा के शव को शुक्रवार रात ही सुपुर्द-ए-खाक करा दिया था। बवाल करने वाले लोग गुदड़ी बाजार और शाहपीर गेट के बताए जा रहे हैं। शनिवार दोनो ही जगहों पर पुलिस का पहरा था। दिन भर दोनों जगह सन्नाटा पसरा रहा। बवाल करने वाले लोग रात ही अपने घरों से फरार हो गए थे। ओसामा के घर पर भी लोगों की संख्या ज्यादा नहीं थी। पीड़ित परिवार में मातम छाया हुआ है।