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Meerut News: उद्योगपुरम के विकास कार्यों में देरी पर पीमा नाराज

Fri, 30 Oct 2026 07:47 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
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समय सीमा बीतने के बाद भी 40 प्रतिशत काम अधूरा, यूपीएसआईडीए को लिखा पत्र
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सात दिन में मांगी कार्रवाई रिपोर्ट
लापरवाह ठेकेदारों पर कार्रवाई करने को कहा गया
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। उद्योगपुरम औद्योगिक क्षेत्र में अवस्थापना विकास कार्यों की धीमी प्रगति और सफाई व्यवस्था की बदहाली पर परतापुर इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ( पीमा ) ने नाराजगी जताई है। उद्योगपुरम नवीनीकरण निगरानी समिति ने 27 अक्तूबर को कार्यों की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट अध्यक्ष निपुण जैन को सौंपी।
रिपोर्ट मिलने के बाद अध्यक्ष ने औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कर खुद हकीकत जानी। इसके बाद उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण ( यूपीएसआईडीए ) के उप महाप्रबंधक सालिल यादव को पत्र लिखकर अधूरे कार्य जल्द पूरे कराने और लापरवाह ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
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निगरानी समिति के प्रमुख अनुराग अग्रवाल हैं। समिति में मनोज शर्मा, राकेश भल्ला, सुनील मित्तल और मुकेश तनेजा की प्रमुख भूमिका है। समिति की रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित कार्यों में से करीब 60 प्रतिशत ही पूरे हुए हैं। 15 अक्तूबर 2026 तक सभी कार्य पूरे करने की समय सीमा तय की गई थी। समय सीमा बीतने के लगभग दो सप्ताह बाद भी सड़क, नाली, टाइल्स, विद्युत व्यवस्था और पेयजल पाइपलाइन के कई कार्य अधूरे हैं।
सड़कों का काम अधूरा, नालियों में भरा है मलबा
समिति की रिपोर्टके अनुसार सड़क संख्या एक, छह, सात, आठ, नौ, 14, 15 और 20 पर विभिन्न स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरे हैं।सड़क संख्या छह और 20 के चौराहे पर मलबे और अवरोधों के कारण आवागमन प्रभावित है। नालियों में निर्माण मलबा भरा है और खुले हिस्सों पर स्लैब नहीं लगाए गए हैं। जल निकासी बाधित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।
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औद्योगिक क्षेत्र में नियमित सफाई नहीं होने पर भी आपत्ति जताई गई है। सात दिन में मांगी कार्रवाई रिपोर्ट पीमा ने यूपीएसआईडीए से समय सीमा का पालन नहीं करने वाले ठेकेदारों पर अनुबंध के अनुसार कार्रवाई करने, लंबित कार्यों की नई समय सीमा तय करने और जिम्मेदार अधिकारियों के नाम लिखित रूप में देने की मांग की है। साथ ही संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कराने और सफाई व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया है। उपाध्यक्ष राजीव सिंघल ने पत्र में कहा कि सात दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि अब केवल मौखिक आश्वासन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
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