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मुठभेड़ में ढेर मंसूर ने पुलिस की मुखबिरी में सीखा था जरायम का ककहरा

Thu, 28 Sep 2017 01:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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मुठभेड़ में मंसूर ढेर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मेरठ में मुठभेड़ में ढेर कुख्यात मंसूर उर्फ मिच्छू पहलवान कभी सहारनपुर पुलिस का मुखबिर हुआ करता था। बदमाशों की मुखबिरी करते-करते मंसूर ने जरायम का ककहरा ऐसा पढ़ा कि इस दलदल से बाहर नहीं निकल पाया। लूट के बाद हत्या करना उसका पेशा था। वह अकेला ही लूट की कई वारदात कर चुका था। वह जानता था कि पुलिस कहां मुस्तैद रहती और कहां पर उनकी कमजोरियां हैं। 
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बेहट सहारनपुर निवासी 25 हजार का इनामी मंसूर पहलवान मंगलवार देर रात कंपनी बाग के पास सदर बाजार पुलिस से हुई मुठभेड़ में मारा गया था। पुलिस ने रिकॉर्ड खंगाल कर बताया कि मंसूर ने करीब पांच साल तक बदमाशों की मुखबिरी की। वह कुख्यात मुकीम काला के गैंग से जुड़ गया। मंसूर जरायम की दुनिया में घुसता गया। मंसूर डकैती, लूट और हत्या की वारदातें करने लगा। पुलिस के सारे दांवपेंच वह जानता था। कई बार उसने पुलिस का भी वारदात के दौरान फायदा उठाया। जिसका बाद में पुलिस को पता चला। थाने से लेकर पुलिस अफसरों तक जान पहचान थी। मंसूर का यह खेल ज्यादा दिनों तक नहीं चला।

जैसे अपराध करता था, वैसे ही मारा गया मंसूर 
पुलिस के अनुसार शोरूमों से कार, ट्रैक्टर या बड़े वाहनों की मंसूर रैकी करता था। 250 या 300 किमी दूर तक वह वाहन का पीछा करता था। जहां भी चालक नाश्ता करने या खाना खाने रुकता था तो मंसूर वहां पहुंचकर उसकी हत्या कर देता था। इसका खुलासा खुद मंसूर ने दो साल पहले पकड़े जाने पर किया था। मंगलवार रात भी मंसूर ने कार लूटी और भागने लगा। पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर ली और ढेर कर दिया। 
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एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने बताया कि कुख्यात मंसूर सक्रिय बदमाश था। लूट के बाद हत्या करना उसका पेशा था। पुलिस पर गोली चलाने वाले बदमाश को उसके अंदाज में जवाब दिया जाएगा।

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मुठभेड़ पर सवाल उठाए

मुठभेड़ में मारा गया बदमाश - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मंसूर पुलिस की गोली से मारा गया, इसकी जानकारी सहारनपुर पुलिस ने बुधवार सुबह उसके परिजनों को बताई। दोपहर बाद ग्राम प्रधान नौशाद समेत दर्जनों लोग पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। मंसूर के चचेरे भाई साजिद ने मुठभेड़ पर सवाल उठाए। आरोप लगाते हुए कहा कि मंसूर ढाई साल से अपराध की दुनिया छोड़ चुका था। वह बीमार था। मानसिक रूप से कमजोर हो गया था। पुलिस मंगलवार सुबह उसको गांव से उठाकर लाई और फिर उसकी हत्या की है। इस मामले की वह उच्चाधिकारी से शिकायत करेंगे। पोस्टमार्टम के बाद मंसूर का शव परिजनों को सौंप दिया गया। 

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एक गोली निकली 
मंसूर के शव का वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस के अनुसार सीने में एक गोली लगने के बाद उसका हार्ट फेल हो गया था। खून भी काफी बह चुका था। उसके अलावा मंसूर के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले।  

बदमाशों की कुंडली खंगाली
मंसूर मुठभेड़ के बाद पुलिस ने कई इनामी बदमाशों की कुंडली खंगाली तो उनकी लोकेशन दिल्ली, हरियाणा व अन्य राज्यों में मिली। पुलिस टीम उनको पकड़ने के लिए जाल बिछाने का दावा कर रही है।

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