नगर पालिका में दिनभर घनघनाए डेयरी संचालकों के फोन
सरधना। डेयरी संचालकों की मनमानी के चलते नगर के नाले चोक होने की समस्या के साथ ही सड़कों पर जलभराव की समस्या से लोग काफी समय से जूझ रहे हैं। डेयरी संचालकों से आरसी जारी होने के एक वर्ष बाद भी वसूली नहीं होने की खबर को अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसके बाद डेयरी संचालकों के दिनभर नगर पालिका व तहसील में फोन घनघनाते रहे। वहीं, एसडीएम अमित कुमार ने भी पालिका कर्मियों को इस मामले में कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
डेयरी संचालकों की मनमानी कहें या पालिका की मिलीभगत, जिसका खामियाजा नगर की जनता को उठाना पड़ रहा है। नगर में डेयरियों की संख्या बढ़ने के साथ ही नगर में डेयरियों के गोबर से नाली व नालों के चोक होने की समस्या बढ़ गई है। जिसके चलते नगर के लोग खासे परेशान हैं। वहीं, नगर का एक मात्र मुख्य नाला सरधना-नानू मार्ग पर स्थित है, उसमें भी गोबर इस तरह से अटा है कि वह ओवरफ्लो हो रहा है।
कुछ किसान उसमें से गोबर खेतों में खाद के रूप में डालने के लिए निकाल रहे हैं। यदि किसान इस गोबर को न निकालें तो नाला पूरी तरह चोक हो जाएगा। बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने गोबर से नाले चोक होने और जुर्माना राशि न वसूले जाने की खबर प्रकाशित की। जिसे लेकर डेयरी संचालकों और नगर पालिका में हड़कंप मचा रहा। माना जा रहा है कि कहीं मोदीपुरम में प्रस्तावित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कुछ लोग इस मुद्दे को न उठा दें। इसे लेकर नगर के डेयरी संचालकों ने पालिका और तहसील में फोन घनघनाए।