भीख मांगकर परिवार का पेट पालने वाली महिला से चलती कार में गैंगरेप की घिनौनी वारदात को लेकर जन आक्रोश है। पुलिस दरिंदों को पकड़ने के बजाय मामले में लीपापोती करने में जुटी है। दो दिन बाद भी दरिंदों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तक नहीं देखी। दिनभर लोगों ने अधिकारियों के ऑफिसों में हंगामा किया।
बेगमपुल पर भीख मांगकर लौटती महिला को बुधवार रात कार सवार युवकों ने 100 रुपये देने का इशारा देकर बुलाया और कार में डालकर ले गए। रातभर हाईवे पर चारों ने उससे गैंगरेप किया और कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र में हाईवे पर फेंककर भाग गए। बृहस्पतिवार सुबह महिला खेत में पड़ी मिली। शुक्रवार को अखबारों में समाचार प्रकाशित होने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। भाजपा महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग, सामाजिक संस्था कार्यकर्ताओं ने एसपी सिटी, एसएसपी, डीआईजी और फिर आईजी ऑफिस में हंगामा किया। साथ ही पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया।
किस काम के सीसीटीवी कैमरे
शहर के अधिकांश चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। घटनास्थल जीरो माइल पर भी कैमरा लगा हुआ है। दरिंदों ने महिला को परतापुर-कंकरखेड़ा बाईपास पर रातभर घुमाया। जहां 22 कैमरे निगरानी कर रहे हैं। लेकिन घटना के दो दिन बाद भी पुलिस ने फुटेज चेक नहीं की है।
लालकुर्ती थाने में केस ट्रांसफर
महिला का अपहरण जीरो माइल से होना बताया गया है। इसे देखते हुए कंकरखेड़ा पुलिस ने शुक्रवार को मुकदमा लालकुर्ती थाने में ट्रांसफर कर दिया। कंकरखेड़ा इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल का कहना था कि लालकुर्ती पुलिस ही विवेचना करेगी। इस मामले में हमारा कोई रोल नहीं है।