लोकतंत्र के महोत्सव में कम पढ़े-लिखे लोग एक बार फिर भारी पड़े हैं। सूबे में विधानसभा चुनाव के दो चरणों के मतदान के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। जिन जिलों में साक्षरता दर अपेक्षाकृत कम है, वहां जमकर वोटिंग हुई, जबकि अति साक्षर जिलों कम।
बार-बार आह्वान और तमाम कवायदें भी पढ़े-लिखे लोगों को मतदान केंद्रों तक खींचने में असफल रहीं। ऐसे जिलों के लोगों को मात दे रहे हैं वह जिले, जिनमें साक्षरता दर कम है। चिंताजनक यह है कि कई उच्च साक्षरता दर वाले जिले इन दो चरणों के मतदान में 60 फीसदी का भी आंकड़ा नहीं छू पाए हैं। उधर, कई ऐसे जिलों में मतदान का प्रतिशत 64 फीसदी के पार गया है, जहां 46 प्रतिशत से ज्यादा लोग पढ़े-लिखे नहीं है।
रामपुर ने किया कमाल
रामपुर जिले की साक्षरता दर 53.34 फीसदी है। यहां दूसरे चरण में मतदान हुआ। इस जिले में वोटिंग का प्रतिशत 64.55 है। वर्ष-2012 के विधानसभा चुनाव में यहां 60.32 प्रतिशत मतदान हुआ था। लोकसभा चुनाव आए तो भी यह स्थिति 59.28 ही रही, लेकिन इस बार जबरदस्त उत्साह दिखाते हुए यहां के लोगों ने मतदान प्रतिशत बढ़ा दिया।
ये पढ़े लिखे बूथ पर जरा धीरे जाते हैं
गौतमबुद्धनगर जिले की साक्षरता दर 80.12 प्रतिशत है। लेकिन, यहां के लोग वोटिंग में उतने ही सुस्त नजर आए। वर्ष-2012 के चुनाव में यहां 57 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इस बार खूब ताकत लगाने के बाद भी 59.17 फीसदी ही मतदान हुआ। गाजियाबाद के लोग तो सुस्ती में इनसे भी आगे निकल गए। गाजियाबाद में पिछले विधानसभा चुनाव में 59 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार यह घटकर 58.10 प्रतिशत पर अटक गया।
इन्होंने दिखाया आईना
बरेली की साक्षरता दर 58.49 प्रतिशत है पर यहां का वोटिंग प्रतिशत 62.17 रहा। हालांकि, यह आंकड़ा पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में कम है, लेकिन लोकसभा से ज्यादा। बदायूं की साक्षरता दर 51.29 फीसदी है। यहां भी वोटिंग का प्रतिशत 60.89 प्रतिशत रहा।
कहां कितना मतदान
जिले साक्षरता दर मतदान प्रतिशत
मेरठ 72.84 64.66
मुजफ्फरनगर 69.12 66.50
बागपत 72.01 64.40
शामली 59.5 67.94
गौतमबुद्घनगर 80.12 59.17
गाजियाबाद 78.07 58.10
बुलंदशहर 68.88 64.65
बिजनौर 68.48 67.15
सहारनपुर 70.49 73.03
पीलीभीत 61.47 67.28
एटा 70.81 66