उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में लॉकडाउन के बीच मंगलवार को चिलचिलाती गर्मी के बीच बैंक से एक हजार रुपये निकलवाने के लिए ज्यादातर महिलाओं और अन्य ग्राहकों को कई घंटे तक तपती सड़क पर बैठना पड़ा। जल्दी नंबर के चक्कर में कई बार सोशल डिस्टेंस को भी लोग भूल गए। बार.बार हंगामा हुआ। पुलिस टीम को पहुंचकर चेतावनी देनी पड़ी। बाहरी लोगों की भीड़ रोकने के लिए उनकी वीडियोग्राफी कर चालान काटने पड़े।
शहर के शुगर मिल रोड पर मंगलवार दोपहर यही नजारा देखने को मिला। यहां कुछ बुजुर्ग और महिलाएं कतार में काफी देर तक लगने के बाद थक गए और गर्मी में तपती सड़क पर ही बैठ गए।
कुछ महिलाएं बैंक शाखा के आफिस में जाने की बेताबी में सोशल डिस्टेंस को भूल गई। मजबूरी में बैंक वालों को पुलिस टीम बुलानी पड़ी। बाइकों पर पहुंचे तीन सिपाहियों ने कतार में लगे लोगों को सर्किल में बिठवााया। इसके बाद एक.एक कर अंदर भेजा गया।
कतारों में खड़े कुछ लोगों ने बताया कि शहरी क्षेत्रों के अलावा मानकमऊ, ककराला, बीतिया, थरौली सहित आसपास के अन्य गांवों से पहुंचे हैं। उनके खाते में एक हजार रुपये पहुंचे हैं। लॉकडाउन के कारण हालात खराब हैं। इसलिए खाते से कैश निकलवाने के लिए पहुंचे हैं। उनके पास एटीएम भी नहीं हैं।
इनमें ज्यादातर तो अंगूठा लगाकर कैश लेने वाले रहे। कुछ ग्राहकों को इसलिए बाहर कर दिया गया क्योंकि वे मास्क पहनकर नहीं आए थे। थाना सदर प्रभारी पंकज कुमार पंत ने कहा कि क्षेत्र के अधिकतर बैंकों में पुलिस टीमों को भेजकर लोगों को समझाना पड़ रहा है।
साप्ताहिक बंदी के कारण भी बंद करवाई दुकानें
शुगर मिल, लेबर कालोनी, शारदानगर, खलासी लाइन सहित कुछ अन्य जगहों पर साप्ताहिक बंदी का दिवस होने के कारण दोपहर में ही दुकानों को बंद करा दिया गया। हालांकि कई दुकानदार ये तर्क देते रहे कि लॉकडाउन में पहले से ही कारोबार बंद था। इसलिए अब ऐसे दिवसों में रियायत दी जानी चाहिए। इन हालात में दुकानों पर पहुंचे ग्राहकों को भी परेशानी उठानी पड़ी।