फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: जन्म-मृत्यु प्रमाण बनवाने के लिए निगम के चक्कर काट रहे लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
निगम कर्मी बोल रहे आवेदन फॉर्म तहसील भेजे, तहसील में कोई जानकारी देने वाला नहीं
विज्ञापन

एक साल बाद बनवाने में एसडीएम की अनुमति जरूरी
पार्षदाें का आरोप-एसडीएम के यहां लंबित है आवेदन
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जन्म-मृत्यु प्रमाण जारी न होने पर बृहस्पतिवार सुबह लोगों ने नगर निगम में हंगामा कर दिया। लोगों ने बताया कि निगम में कई दिनों से चक्कर काट रहे है, लेकिन उनके बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा हैं। पार्षदों ने बताया है कि एक साल पुराने जन्म-मृत्यु प्रमाण बनवाने में एसडीएम सदर की अनुमति की जरूरत होती है। तहसील में तीन हजार से ज्यादा आवेदन फॉर्म लंबित रखे हैं।
विज्ञापन

जन्म के एक साल बाद जन्म-मृत्यु प्रमाण बनवाना लोगों के सामने समस्या बनता जा रहा है। इसे लेकर एसडीएम की अनुमति की जरूरत होती है इसी को लेकर लोग परेशान हैं। प्रमाण पत्र बनने में परेशानी हो रही है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम ने निगम पहुंचकर इसकी जानकारी ली तो प्रमाण पत्र जारी करने वाले कार्यालय में कर्मचारी बैठे थे और बाहर लंबी लाइन लगी थी। खैरनगर निवासी अनिल कुमार ने बताया कि उन्होंने बेटे के प्रमाण पत्र के लिए सितंबर में आवेदन किया था। 15 दिन से निगम के चक्कर काट रहे हैं। निगम कर्मचारी कहते है कि सदर तहसील में जाओ, वहां पर फॉर्म भेज दिया गया हैं। तहसील में कोई बताने वाला नहीं हैं। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी अक्सर छुट्टी पर रहते हैं। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम का कहना कि मैं रोजाना सुबह 10 से शाम 5 बजे तक निगम परिसर में बैठता हूं। जन्म-मृत्यु प्रमाण के आवेदन आते है, उनको मैं तुरंत हस्ताक्षर करता हूं, जबकि यह कार्य दूसरे अधिकारी का है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें