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बढ़ते तनाव में दम तोड़ रहीं जिंदगियां, यूपी के इस जिले में एक माह में पांच लोगों ने की आत्महत्या

Fri, 28 Aug 2020 01:36 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

- जिले में खुदकुशी के 20 मामले सामने आए 
- अगस्त माह में ही पांच लोगों ने जीवनलीला समाप्त की
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तनाव जिंदगी पर भारी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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तनाव जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। अप्रैल से अब तक हुई आत्महत्या की घटनाएं तो यही जाहिर करती हैं। क्योंकि इस अवधि में जिले में अब तक आत्महत्या के 20 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें भी पांच खुदकुशी के मामले अगस्त माह के ही हैं। इन घटनाओं में पारिवारिक विवाद, प्रेम प्रसंग सहित अन्य कारण सामने आए तो एक मामला कोरोना से डर का भी रहा। इन कारणों से बने तनाव में ही जिंदगियां लगातार दम तोड़ रही हैं। अधिकतर मामलों का खुलासा हो चुका है जबकि कुछ में विवेचनाएं चल रही हैं। 
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केस नंबर एक 
शहर के झोटेवाला क्षेत्र में बुधवार को ही बेटी की हत्या करने के बाद शोएब ने अपनी जान दे दी। इसके पास से सुसाइड नोट मिला। वजह बताई गई ससुराल पक्ष से चल रहा विवाद और तनाव। 
 
केस नंबर दो
इसी माह दो सप्ताह पहले रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ के सिपाही प्रमोद कुमार की पत्नी उमा ने सरकारी आवास में फंदे पर झूलकर जान दे दी थी। उसका ढाई साल का बच्चा रोता रहा। वजह सामने आई परिवार में विवाद और इसे लेकर बना तनाव। 
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केस नंबर तीन 
सरसावा क्षेत्र के गांव कुंडी निवासी पंकज कुमार ने भी अगस्त माह में ही जहरीला पदार्थ खाकर जान दी थी। इस युवक ने तो मौत से पहले वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इसमें आरोप लगाया था कि मौत के लिए कुछ रिश्तेदार जिम्मेदार हैं।

केस नंबर चार
दयाल कालोनी में जून माह में यातायात पुलिस में तैनात सिपाही उपेंद्र ने फंदे पर झूलकर आत्महत्या की थी। वजह बताई गई सिपाही के लंबे समय से बीमार रहने और उसे लेकर बना तनाव। 

केस नंबर पांच
गन्ना विकास परिषद शेरमऊ कार्यालय में तैनात कर्मचारी आदेश कुमार ने भी सरकारी आवास पर फांसी लगा ली थी। उसके पास से सुसाइड नोट मिला था। वजह बताई गई थी कोरोना का डर और इसे लेकर बना तनाव।
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जिले में अचानक बढ़ी हैं ऐसी घटनाएं
एसपी सिटी विनीत भटनागर कहते हैं कि जिले में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। मगर इन मामलों में कोरोना इफेक्ट की बजाए पारिवारिक, आपसी विवाद और प्रेम प्रसंग जैैसे कारणों से हुआ तनाव अधिक जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार के लोग आपस में समय रहते विवादों को सुलझा लें तो शायद आत्महत्या जैसी नौबत न आने पाए। 

तनाव का असर कुछ ज्यादा
मनोरोग चिकित्सक डॉ. अमरजीत सिंह पोपली कहते हैं कि आत्महत्या की वजह अलग-अलग हो सकती हैं। जैसे दहेज उत्पीड़न, घरेलू कलह, आपसी विवाद, प्रेम प्रसंग या अन्य। इससे भी इनकार नहीं कर सकते कि कोरोना काल में हर शख्स एक अलग तरह के हिडन स्ट्रेस से गुजर रहा है।

इसलिए हर विवाद में तनाव का असर बढ़ रहा है। बेहतर यही है कि परिवार के लोग सतर्क रहें। प्रयास करें कि विवाद जल्द सुलझा लें। एक-दूसरे को समय देकर उनकी भावना को समझने का प्रयास करें। तभी ये घटनाएं कम हो पाएंगी।

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