इसके अलावा कृषि उपनिदेशक रामजतन मिश्र को संबंधित किसान के विरुद्ध राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिकरण की धारा-26 और पांच नवंबर के शासनादेश में उल्लेखित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
उप जिलाधिकारी सदर ने बताया कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण और उत्तर प्रदेश शासन ने कृषि अपशिष्ट को जलाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसका उल्लंघन करने पर अर्थदंड के साथ ही कानूनी कार्रवाई किए जाने का प्रावधान है। साथ ही उन्होंने तहसीलदार सदर को निर्देश दिया कि अर्थदंड की वसूली भू-राजस्व के बकाया की भांति कराई जाए। वसूल की गई धनराशि को पर्यावरण विभाग की ओर से इसके लिए खोले गए खाते में जमा कराया जाए। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष को जलाने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
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