जिला अस्पताल में नहीं हैं ये सुविधाएं
मस्तिष्क से संबंधित न्यूरो सर्जरी, कैंसर से संबंधित आंकोलॉजी, त्वचा से संबंधित प्लास्टिक सर्जरी, गुर्दे से संबंधित नेफ्रोलॉजी, कैंसर से संबंधित रेडियोथेरेपी, बच्चों की बीमारी से संबंधित पीडियाट्रिक्स सर्जरी, हार्मोंन से संबंधित एंडोक्राइनोलॉजी (अंत:स्राव विद्या), महिलाओं की बीमारियों से संबंधित स्त्री एवं प्रसूति रोग।
मेडिकल कॉलेज में नहीं ये सुविधाएं
लिक्विड ऑक्सीजन, लेजर तकनीक से आंखों का इलाज, डिजिटल एक्सरे, जले हुए मरीज के लिए बर्न वार्ड, कैंसर के मरीजों के लिए रेडियोथेरेपी, लिवर रोग, हृदय रोग।
दिल्ली के अस्पतालों का है सहारा
मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और महिला जिला अस्पताल को हर साल सरकार करोड़ों रुपये बजट देती है। सिर्फ दवाइयों के लिए ही 25 करोड़ से ज्यादा का बजट मिलता है। इसके बावजूद मरीजों को गंभीर बीमारी होने पर दिल्ली रेफर कर दिया जाता है। साल 2017 में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी का निरीक्षण करने के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि जब यह सुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल है तो फिर यहां से मरीज रेफर क्यों किए जाते हैं। यह सुनकर सारे अधिकारी बगले झांकने लगे थे।
जल्द मिलेंगी सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज में जल्द ही काफी सुविधाएं मिलने लगेंगी। डिजिटल एक्सरे और लिक्विड ऑक्सीजन शुरू होने वाले हैं। सुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल शुरू होने पर गंभीर मरीजों का भी इलाज हो सकेगा। विशेषज्ञ चिकित्सक भी मिलेंगे। इसके अलावा जो सुविधाएं अधूरी हैं, उनके लिए शासन से पत्राचार किया जा रहा है।
- डॉ. आरसी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
सुविधाओं के लिए कोशिश जारी है
जो सुविधा उपलब्ध हैं और जो उपलब्ध नहीं हैं, उन सभी का बोर्ड लगा है, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। एमआरआई यूनिट बन रही है। डीएनबी कोर्स के लिए कोशिश जारी है। बाकी सुविधाएं भी मुहैया कराने का प्रयास है। जो सुविधाएं यहां नहीं हैं, उनके लिए मरीजों को मेडिकल रेफर कर दिया जाता है।
- डॉ. पीके बंसल, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
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