फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमर उजाला की खास रिपोर्ट: मरीज लाचार, अस्पताल सुविधाएं देने में 'बीमार'

Fri, 01 Mar 2019 04:57 PM IST
कपिल kapil अरीश रिज़वी, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
जिला अस्पताल में लगा बोर्ड, जिसमें बताया गया है कि इन सुविधाओं का यहां है अभाव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मेरठ के सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बीमार हैं और मरीज लाचार हैं। यह हालात तब हैं जबकि केंद्र और प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं पर खासा जोर दे रही है। इसके बावजूद मेरठ के सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं का अभाव है। इन अस्पतालों में 15 सुविधाएं ऐसी हैं, जो उपलब्ध नहीं हैं। इन सुविधाओं के न होने से लाखों मरीजों को परेशानी हो रही है। मजबूरी में उन्हें निजी अस्पताल या लैब में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है। 

विज्ञापन


एलएलआर मेडिकल कॉलेज, पीएल शर्मा जिला चिकित्सालय और जिला महिला अस्पतालों में हर साल करीब 15 लाख से ज्यादा मरीज आते हैं। इन्हें लंबी-लंबी लाइनों में लगना पड़ता है। चिकित्सक जांच लिखते हैं तो पता चलता है कि यह जांच सुविधा उपलब्ध ही नहीं है। नतीजतन, मायूस होकर लौटना पड़ता है। इसके अलावा गंभीर रोगियों का इलाज भी इन अस्पतालों में उपलब्ध नहीं है। जिला अस्पताल में तो इसका बोर्ड भी लगाया गया है, जिसमें लिखा है यह-यह सुविधाएं उनके यहां उपलब्ध नहीं हैं।

जिला अस्पताल में नहीं हैं ये सुविधाएं
मस्तिष्क से संबंधित न्यूरो सर्जरी, कैंसर से संबंधित आंकोलॉजी, त्वचा से संबंधित प्लास्टिक सर्जरी, गुर्दे से संबंधित नेफ्रोलॉजी, कैंसर से संबंधित रेडियोथेरेपी, बच्चों की बीमारी से संबंधित पीडियाट्रिक्स सर्जरी, हार्मोंन से संबंधित एंडोक्राइनोलॉजी (अंत:स्राव विद्या), महिलाओं की बीमारियों से संबंधित स्त्री एवं प्रसूति रोग।

मेडिकल कॉलेज में नहीं ये सुविधाएं
लिक्विड ऑक्सीजन, लेजर तकनीक से आंखों का इलाज, डिजिटल एक्सरे, जले हुए मरीज के लिए बर्न वार्ड, कैंसर के मरीजों के लिए रेडियोथेरेपी, लिवर रोग, हृदय रोग।

दिल्ली के अस्पतालों का है सहारा
मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और महिला जिला अस्पताल को हर साल सरकार करोड़ों रुपये बजट देती है। सिर्फ दवाइयों के लिए ही 25 करोड़ से ज्यादा का बजट मिलता है। इसके बावजूद मरीजों को गंभीर बीमारी होने पर दिल्ली रेफर कर दिया जाता है। साल 2017 में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी का निरीक्षण करने के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि जब यह सुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल है तो फिर यहां से मरीज रेफर क्यों किए जाते हैं। यह सुनकर सारे अधिकारी बगले झांकने लगे थे।
विज्ञापन

जल्द मिलेंगी सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज में जल्द ही काफी सुविधाएं मिलने लगेंगी। डिजिटल एक्सरे और लिक्विड ऑक्सीजन शुरू होने वाले हैं। सुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल शुरू होने पर गंभीर मरीजों का भी इलाज हो सकेगा। विशेषज्ञ चिकित्सक भी मिलेंगे। इसके अलावा जो सुविधाएं अधूरी हैं, उनके लिए शासन से पत्राचार किया जा रहा है। - डॉ. आरसी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

सुविधाओं के लिए कोशिश जारी है
जो सुविधा उपलब्ध हैं और जो उपलब्ध नहीं हैं, उन सभी का बोर्ड लगा है, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। एमआरआई यूनिट बन रही है। डीएनबी कोर्स के लिए कोशिश जारी है। बाकी सुविधाएं भी मुहैया कराने का प्रयास है। जो सुविधाएं यहां नहीं हैं, उनके लिए मरीजों को मेडिकल रेफर कर दिया जाता है। - डॉ. पीके बंसल, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें