इमरजेंसी में पांच घायल ऐसे थे, जिनकी हड्डी में चोट लगी थी, लेकिन हड्डी के डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। अभिषेक के सिर में चोट थी, ज्ञानवती के दाहिने हाथ और पैर की हड्डी, आरती, रुचि और विवेक के हाथ-पैर की हड्डी में चोट थी।
हंगामा शुरू हुआ तो इन पांचों को मेरठ मेडिकल रेफर कर दिया गया। सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाहा का कहना है कि हड्डी और न्यूरो के विशेषज्ञ डॉक्टर संविदा पर कार्यरत हैं, उनकी ड्यूटी दिन में रहती है। आईसीयू और ट्रामा सेंटर भी चालू नहीं है।
पंक्चर एंबुलेंस में ही लिटा दिया मरीज
जिला अस्पताल में ऐसी अफरा-तफरी मची कि घायल को मेरठ रेफर करने के बाद जिस एंबुलेंस में शिफ्ट किया, उसमें पंक्चर था। कर्मचारी चलने लगे तो ध्यान चला गया। इसके बाद दोबारा से घायल को दूसरी एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया।
एक्सप्रेस-वे से घायलों को लाईं आठ एंबुलेंस
हादसे की सूचना हेल्पलाइन के माध्यम से एंबुलेंस सेवा को रात करीब ढाई बजे मिली। इसके बाद खेकड़ा, मवी कलां, पिलाना, जिला अस्पताल और सीएचसी बागपत की आठ एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। इनमें 102 सेवा की चार, 108 सेवा की तीन और एएनएस सेवा की एक एंबुलेंस का प्रयोग किया गया। एंबुलेंस सेवा प्रभारी नितिन कुमार का कहना है कि तुरंत ही मौके पर एंबुलेंस गई थी और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।