मवाना। मुख्य मार्ग पर स्थित सिद्धार्थ पॉलिक्लीनिक एवं नर्सिंग होम में इलाज के लिए भर्ती थाना बहसूमा क्षेत्र के गांव शाहपुर निवासी हर्ष (18) की इंजेक्शन लगाने के बाद मौत होने पर परिजनों ने हंगामा किया। देर शाम तक शव नर्सिंग होम में ही रखा हुआ था।
तबीयत खराब होने पर हर्ष पुत्र स्व. बबली को रविवार की सुबह 11 बजे मुख्य मार्ग पर स्थित सिद्धार्थ पॉलिक्लीनिक एवं नर्सिंग होम में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान दोपहर 3:00 बजे के आसपास उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि कंपाउंडर द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद हर्ष की तबीयत बिगड़ती चली गई। कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। परिजनों का यह भी आरोप था कि इंजेक्शन लगाने के बाद कंपाउंडर गायब हो गया।
परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नर्सिंग होम में हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर थाना प्रभारी पुलिस फोर्स के साथ नर्सिंग होम में पहुंच गए। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। देर शाम तक हर्ष का शव नर्सिंग होम में ही रखा हुआ था। परिजनों किसी रिश्तेदार के आने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
वहीं, नर्सिंग होम के डाॅ. सिद्धार्थ बंसला ने बताया कि हर्ष की मौत लापरवाही से नहीं हुई है। लापरवाही का आरोप निराधार है। हर्ष को उल्टी हो रही थी। उल्टी रोकने के लिए इंजेक्शन लगाया गया था। सीटी स्कैन कराया था, जिसमें ब्रेन हेमरेज आया था। हर्ष की मौत ब्रेन हेमरेज से हुई है। मृतक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। जो पॉलिटेक्निक से पढ़ाई कर रहा था। यूपी पुलिस की भी परीक्षा उसने दी थी। हर्ष की मौत से मां रीता का रोकर बुरा हाल था। वह बेटे के शव को देखकर बार-बार बेहोश हो रही थी। परिजन उन्हें संभालने में लगे थे। हर्ष के पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है। बाद में दोनों पक्षोें में समझाैता हो गया।