आवास विकास की मंगल पांडे नगर स्कीम नंबर एक में कस्टम एवं सेंट्रल एक्साइज कार्यालय के पीछे बनाई गई झुग्गी झोंपड़ियों पर शनिवार को नगर निगम का बुलडोजर चल गया। वहीं झोंपड़ियों में रहने वाली महिलाओं ने नगर निगम की टीम पर पथराव कर झुग्गियों में आग लगा दी। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। वहीं पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को खदेड़ा।
शास्त्रीनगर निवासी जगदीश सिंह, योगेंद्र कुमार शर्मा, राकेश शर्मा, रणधीर सिंह विश्नोई, धर्मेंद्र विश्नोई और डीके गुप्ता ने कमिश्नर से शिकायत कर आरोप लगाया था कि आवास विकास के अधिकारियों की मिलीभगत से पार्क और पार्किंग की भूमि पर पिछले दस वर्षों से भू माफिया ने कब्जा किया हुआ है। इस पर कमिश्नर ने नगर निगम को भूमि खाली कराने के आदेश जारी किए। शनिवार को लेखपाल राजकुमार, कुंवरपाल पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे। जैसे ही नगर निगम टीम ने झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले परिवारों से भूमि खाली करने की बात कही तो महिलाएं आक्रोशित होकर विरोध में उतर आईं। कुछ महिलाओं ने टीम पर पथराव कर झुग्गियों से अपना सामान निकालकर आग लगानी शुरू कर दी। साथ ही आग लगाने का आरोप लेखपाल पर लगाया। आग की सूचना पर एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। एडीएम सिटी ने महिलाओं को शीघ्र ही डूडा के मकान दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद टीम ने वहां बुलडोजर चला भूमि का कब्जा मुक्त कराया।
बगैर मजिस्ट्रेट पहुंची टीम
नगर निगम की टीम अपने साथ कोई मजिस्ट्रेट लेकर भी नहीं गई थी। इस संबंध में लेखपाल राजकुमार का कहना है कि पूरी टीम नगरायुक्त के आदेश पर अवैध कब्जा हटाने पहुंची थी।
सबके पार मिले आधार कार्ड
सरकारी भूमि पर झुग्गी झोपड़ी बनाकर रहने वालों के पास आधार कार्ड भी मिले। उन्होंने आधार कार्ड दिखाते हुए स्वयं को मंगल पांडे नगर का स्थाई निवासी बताया। इतना ही नहीं उन्हें उसी आईडी पर सिम भी दिए गए हैं। वहीं झुग्गियों में पंखे, टीवी और बल्ब लगे थे। कटिया डालकर बिजली चोरी की जा रही थी।