दिल्ली में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलते श्रम कल्याण परिषद के पूर्व अघ्यक्ष पंड
मोदीपुरम। भगवान परशुराम जन्मभूमि के जीर्णोद्वार एवं आध्यात्मिक विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पंडित सुनील भराला मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिले। नई दिल्ली के मध्य प्रदेश भवन सभागार में हुई वार्ता में उन्होंन भगवान परशुराम की भूमि का जीर्णोद्वार श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या की तर्ज कराने की मांग की।
पंडित सुनील भराला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलकर भेंट की। उन्होंने भगवान श्रीपरशुराम की जन्मभूमि जाना पांव, इन्दौर में शोध पीठ की स्थापना की गई थी। यहां भगवान परशुराम आध्यात्मिक विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग की। बताया कि इसमें कई विद्वान पदाधिकारी कार्य कर रहे हैं। तत्कालिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और देश के गृहमंत्री अमित शाह वहां पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि महाकाल उज्जैन एवं ओमकारेश्वर महादेव की कनेक्टिविटी भगवान श्रीपरशुराम की जन्मभूमि से की जानी चाहिए। जिससे श्रद्धालुओं वहां आसानी से पहुंच सकें।
प्रतिनिधिमंडल में सांसद व राष्ट्रीय परशुराम परिषद के वरिष्ठ सदस्य रामभाई मुकिरया, उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य एवं राष्ट्रीय परशुराम परिषद के वरिष्ठ सदस्य अरुण पाठक, राष्ट्रीय परशुराम शोध पीठ के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. राजाराम यादव, पूर्व एडिशनल सेक्रेटरी, भारत सरकार एवं राष्ट्रीय पदाधिकारी सवितुर प्रसाद,राष्ट्रीय परशुराम परिषद के राष्ट्रीय मंत्री अमित शेखावत, राष्ट्रीय परशुराम परिषद, मध्य प्रदेश के अध्यक्ष कपिल तिवारी, प्रसिद्ध अभिनेता उत्कर्ष भारद्वाज शामिल थे।
दिल्ली में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलते श्रम कल्याण परिषद के पूर्व अघ्यक्ष पंड