अवैध पार्किंग पर वसूली के खिलाफ अमर उजाला के अभियान के बाद जनप्रतिनिधि और अफसर जाग गए हैं। खबरों का संज्ञान लेते हुए मेयर हरीकांत अहलुवालिया ने कहा कि वे इस मामले पर अफसरों से सख्ती से बात करेंगे। वहीं नगरायुक्त ने निगम अफसरों को निर्देश जारी कर दिए कि जहां भी अवैध पार्किंग कराई जा रही है, उसके खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर कराएं। निगम के नाम से अवैध पर्ची जारी करने वालों के खिलाफ जालसार्जी का मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
एसएसपी ने साफ कहा कि इस संबंध में किसी भी एफआईआर पर तत्काल एक्शन लेते हुए वसूली करने वालों पर रंगदारी का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। निगम की टीम सोमवार से शहर में अवैध पार्किंग का जायजा लेगी। यहां ये भी साफ कर दिया गया है कि फिलहार शहर में हर जगह हो रही पार्किंग की वसूली अवैध है। जिन ठेकों को निगम छोडे़गा, केवल वहीं पार्किंग होने दी जाएगी। अभी तक की पड़ताल में सामने आया कि पार्किंग पर होने वाली अवैध वसूली में कुछ अफसरों की शह मिली हुई थी। इसी कारण अवैध पार्किंग पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। रविवार को टाउन हॉल में वाहन पार्किंग में एक सपा नेता अवैध वसूली करता मिला। पार्किंग का ठेका भले ही 31 मार्च को खत्म हो गया, लेकिन उनकी अवैध वसूली की दुकान अभी बंद नहीं हुई है। अमर उजाला ने अवैध वाहन पार्किंग में शुल्क वसूली का खुलासा किया। जिसपर न तो नगर निगम प्रशासन ही गंभीर दिखा और न ही पार्किंग में अवैध वसूली करने वाले लोग। यानी रविवार को भी पूर्व की भांति वाहनों से शुल्क वसूली होती पायी गई।
पार्किँग में खड़ी गाड़ी चोरी की तो नहीं?
मेरठ। टाउन हॉल वाहन पार्किँग में कुछ कारें पिछले एक एक साल से खड़ी हैं। जिनका मालिक कौन है यह तो ठेकेदार को ही पता होगा, लेकिन इतने समय से खड़ी यह गाड़ियां सवालिया निशान छोड़ती हैं। इन गाड़ियों पर धूल जमी है। इस तरफ न तो थाना देहली गेट पुलिस की निगाह है और न ही निगम अधिकारियों की। जबकि प्रत्येक माह टाउन हॉल में नगर निगम के महापौर, पार्षद, अधिकारी, कर्मचारी, थाना पुलिस बोर्ड बैठक में पहुंचती है। उसके बावजूद भी कोई पूछने वाला नहीं है।
निगम की खुली छूट कराएं एफआईआर
मेरठ। शहर की सड़कों पर अवैध वाहन पार्किँग में वाहनों में वसूली करने वालों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराने की आदेश जारी कर दिए हैं। नगरायुक्त देवेन्द्र कुमार कुशवाहा ने अपर नगरायुक्त रामभरत तिवारी को जांच कराने और अवैध वसूली कराने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। साथ ही कहा है कि सड़क पर किसी भी संस्थान के सामने वाहन पार्किँग नहीं चलने दी जाए। लगातार ऐसे सभी स्थानों की मानिटरिंग करायी जाए। अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ संबंधित थाने पर भी सूचना दी जाए।