परीक्षितगढ़ के कैली रामपुर में रविवार दोपहर पुलिस ने एक कुख्यात की घेराबंदी की तो उसने जंगल में छिपकर पुलिस पर फायरिंग कर दी। जिसके बाद ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गये। दूसरे थानों से भी फोर्स को बुलाया गया। खुद को घिरता देख कुख्यात ने तमंचा तानकर इंस्पेक्टर से कहा यदि आगे बढ़े तो खुद को गोली मार लूंगा, नहीं तो जो भी सामने आयेगा उसी को गोली मार दूंगा। आधा घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने किसी तरह आरोपी को गिरफ्तार किया।
एसपी देहात श्रवण कुमार सिंह ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि परीक्षितगढ़ इंस्पेक्टर अल्ताफ अंसारी फोर्स के साथ चेकिंग कर रहे थे। तभी सूचना मिली की एक बदमाश लूट के उद्देश्य से कैलीरामपुर मंदिर मोड़ पर खड़ा है। सूचना पर पहुंची पुलिस को देख बदमाश ने तमंचे से फायर झोक दिया और खेत में जा घुसा। पुलिस पर फायरिंग होता देखकर सिपाही भी पीछे हट गया। बाद में पुलिस ने शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उसकी घेराबंदी की तो बदमाश ने कहा कि वह गोली चला देगा, नहीं तो पीछे हट जाओ। इसके बाद पुलिस ने कुछ दूरी पर बदमाश को पकड़ लिया। आरोपी से पुलिस को एक तमंचा, दो कारतूस व एक खोखा मिला। पकड़ा गया बदमाशकौशेंद्र पुत्र बाबूराम निवासी गांव कैलीरामपुर, परीक्षितगढ़ है। पूछताछ में बताया कि वह गैंग का मुखिया है। पुलिस की मानें तो कौशेंद्र मवाना में हुई डकैती में वांछित चल रहा है। इसके अलावा उसने गैंग के साथ मिलकर परीक्षितगढ, मवाना सहित बुलंदशहर के औरंगाबाद में कई लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस के मुताबिक कौशेंद्र के गैंग में सचिन पुत्र चंद्रवीर निवासी खटकी, रौनक पुत्र सुरेंद्र निवासी खटकी, यतेंद्र पुत्र राज सिंह निवासी दरियापुर थाना हस्तिनापुर, प्रिंस पुत्र सुंदर गिरी उर्फ पप्पू निवासी खटकी, संदीप पुत्र रिपुदमन निवासी छुछाई थाना किठौर हैं। जिनकी तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है।