सचिन हत्याकांड में फरार आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार दोपहर मृतक की मां अपने परिजनों के साथ वेदव्यासपुरी में पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला ने केरोसिन उड़ेलकर आत्मदाह की कोशिश की। तीन घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस ने किसी तरह आश्वासन देकर महिला और उनके परिवार के लोगों को टंकी से उतारा।
परतापुर क्षेत्र के घाट गांव में 31 मार्च 2016 को सचिन पुत्र कुंवरपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने रिषभ, रूपक, मनोज और क ोउत्तम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने रिषभ और कोउत्तम को जेल भेज दिया था। एक माह पहले मृतक सचिन की मां सुरेश ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसएसपी ऑफिस पर केरोसिन डालकर आत्मदाह की कोशिश की थी। 25 दिन पहले आरोपी रूपक ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बीस दिसंबर को रूपक की कोर्ट से जमानत मिल गई।
शुक्रवार दोपहर सचिन की मां सुरेश, अपने बेटे कपिल, बेटी पूजा, दामाद रोहताश, बेटी और बेटे के बच्चों के साथ टीपीनगर क्षेत्र में वेदव्यासपुरी में अंसल पार्क में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गई। सूचना पर टीपीनगर इंस्पेक्टर सचिन मलिक और इंस्पेक्टर परतापुर सुशील कुमार दूबे फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस लाइन से जाल और फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी बुला ली गई। महिला का आरोप है कि पुलिस ने मनोज को गिरफ्तार नहीं किया और रूपक पर हल्की धारा लगाई है, जिस कारण उसे जमानत मिल गई। महिला ने अपने परिवार की जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की। जैसे ही पुलिस ने टंकी पर चढ़ने की कोशिश की तो महिला ने केरोसिन डालकर आत्मदाह की कोशिश की। बाद में पुलिस ने आश्वासन दिया कि फरार आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा, जो जमानत पर छूटा है उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कान खोलकर सुन ले, मैं छलांग लगा दूंगी
मृतक की मां सुरेश ने कहा कि उसे बर्दाश्त करते नौ माह बीत चुके हैं, पुलिस कान खोलकर सुन ले, यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह छलांग लगा देगी। इस पर पुलिस के हाथ पैर फूल गये। पुलिस ने काफी मशक्कत कर उन्हें टंकी से उतारा।