Meerut News: मेरठ स्थित सरधना के गांव अटेरना में पपिंद्र की हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि 10 साल पहले पंजाब में बलराम की हत्या हुई थी। उसके भाई कल्लू को शक था कि हत्या में पपिंद्र भी शामिल है। इसी शक में पपिंद्र की हत्या की गई।
सरधना थाना क्षेत्र के अटेरना गांव में पपिंद्र की हत्या 10 साल पहले पंजाब में हुई बलराम की हत्या का बदला लेने के लिए की गई थी। मुख्य आरोपी कल्लू ने अपने भाई बलराम उर्फ बलिया की हत्या का बदला लेने के लिए तीन साथियों संग वारदात को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि कल्लू को शक था कि बलराम की हत्या में पपिंद्र का भाई बिट्टू भी शामिल था और पुलिस से मिलीभगत कर उसे पपिंद्र व अन्य परिजनों ने बचा लिया था। पपिंद्र के भाई बिट्टू ने भी इसी रंजिश में वारदात का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस आरोपियों को हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ कर रही है।
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अटेरना गांव निवासी पपिंद्र (40) पंजाब में लुधियाना ईंट भट्ठे पर काम करता था। परिजनों ने बताया कि पपिंद्र छह माह पहले वह गांव लौटा था और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। बुधवार रात वह घर से बाहर गया और नहीं आया। परिजनों ने तलाश करने के बाद बृहस्पतिवार देर रात थाने पहुंचकर गुमशुदगी की तहरीर दी थी।
बृहस्पतिवार शाम पपिंद्र के घर से करीब 50 मीटर दूर कूड़े के ढेर के पास कुत्ते जमीन खोद रहे थे। इसी दौरान आसपास के लोगों को दुर्गंध महसूस हुई। ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो वहां शव पड़ा मिला। परिजनों ने शव की पहचान पपिंद्र के रूप में की। उसके भाई बिट्टू की तहरीर पर पुलिस ने अटेरना गांव निवासी कल्लू, उसके साथी आनिश, गोविंदा और मोनिज के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
पंजाब में प्राइवेट पार्ट काटकर की थी हत्या
बिट्टू ने बताया कि वह वर्ष 2016 में लुधियाना के खन्ना शहर के पास काम करता था। उसके साथ ही कल्लू का भाई बलराम भी काम करता था। वहां जनवरी 2016 में बलराम की हत्या कर दी गई थी। किसी युवती से संबंध के शक में यह वारदात की गई थी और उसका प्राइवेट पार्ट भी काट दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की थी।
इसके बावजूद कल्लू को शक था कि वारदात में बिट्टू का हाथ है। वह उससे इसका बदला लेना चाहता था लेकिन वह सतर्क रहता था। बिट्टू ने आरोप लगाया कि इसी रंजिश में आरोपियों ने उसके भाई की हत्या की है।
अंतिम संस्कार से इन्कार कर किया हंगामा
शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद करीब पौने चार बजे पपिंद्र का शव गांव पहुंचा। शव देखते ही पर परिवार के लोगों का रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। परिजन और ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार की आर्थिक मदद की मांग की। मौके पर जानी और रोहटा थाने की पुलिस फोर्स भी बुला ली गई। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।
शाम लगभग छह बजे पुलिस ने एसडीएम उदित नारायण सेंगर से परिजनों की फोन पर वार्ता कराई गई। एसडीएम ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम लगभग साढ़े छह बजे शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। सीओ आशुतोष कुमार का कहना है कि कुछ संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।
ये बोले एसपी
अब तक की जांच और पूछताछ में पुरानी रंजिश में वारदात की बात सामने आई है। बताया गया है कि पपिंद्र के भाई पर पंजाब में हुई बलराम की हत्या का शक था। हालांकि पंजाब पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की थी। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा। - अभिजीत कुमार, एसपी देहात