सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हाईटेक होने जा रहा है। विवि का पूरा काम कंप्यूटर से होगा। सूचनाओं का आदान प्रदान ऑनलाइन किया जाएगा। इससे पेपर वर्क काफी हद तक कम हो जाएगा। 13 कृषि विज्ञान केंद्रों को विवि के सिस्टम से जोड़ा जाएगा। छात्र का पूरा डाटा ऑनलाइन होगा। हॉस्टल और क्लास में उसकी उपस्थिति की जानकारी भी एक क्लिक पर मिलेगी। इसके लिए पांच करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।
विवि में ईआरपी (इंटरप्राइज रिसर्स प्लानिंग) साफ्टवेयर को शुरू करने की तैयारी का जा रही है। इसके लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। ईआरपी सॉफ्टेवयर में विवि के साथ महाविद्यालय, छात्रावास, अनुसंधान केंद्र, सीआरसी, एलआरसी, पीसीपी, कृषि विज्ञान केंद्र, निदेशक अनुसंधान, निदेशक प्रसार, कुलपति, कुलसचिव, वित्त नियंत्रक, डीन एजी, डीन पीजी, डीएसडब्ल्यू समेत सभी कार्यालयों की गतिविधियों का लेखाजोखा रहेगा। पुस्तकालय ऑटोमेशन का कार्य और ई फाइल व्यवस्था रखी जाएगी। खास बात यह होगी विवि मेें अधिकतर सूचनाओं का आदान प्रदान पेपर विहीन हो जाएगा। सभी विभागों की गतिविधियों इंटीग्रेट की जाएगी। कंप्यूटर पर विवि का पूरा सिस्टम रहेगा। किसानों के लिए तकनीकी जानकारी भी ऑनलाइन मुहैया कराई जाएगी।
एजूकेशन क्षेत्र में भी शुरू हो रहा है ईआरपी
पहले इंडस्ट्री में इस सिस्टम को लागू किया गया था। अब इसे एजूकेशन क्षेत्र में भी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हार्डवेयर के लिए दो करोड़ और साफ्टवेयर विकास के लिए तीन करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की जाएगी।
बोर्ड बैठक में बनी थी सहमति
कृषि विवि में हाल ही में हुई प्रबंध समिति की बैठक में डॉ. पीएस पांडेय, सहायक महानिदेशक शिक्षा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद भी शामिल हुए थे। बैठक के दौरान इस सॉफ्टवेयर को शुरू करने पर बात हुई थी, जिस पर पांडेय ने अपनी सहमति दे दी थी।