डेंगू और चिकनगुनिया के लगातार आ रहे केसों को देखते हुए जिला मलेरिया विभाग ने जागृति विहार जोन को हाई रिस्क जोन घोषित कर दिया है। विभाग का मानना है कि यहां न केवल एडिस एजिप्टी मच्छर पनप रहे हैं, बल्कि आसपास की कॉलोनियों में भी तेजी से एडिस मच्छर का दायरा बढ़ता जा रहा है। जिससे बड़ी संख्या में लोग बीमारी की चपेट में हैं।
जागृति विहार जोन को हाई रिस्क एरिया में डालते हुए मलेरिया विभाग ने शुक्रवार से व्यापक अभियान चलाने का फैसला लिया है।
पहले चरण में चार कर्मचारियों की टीम उन घरों का कंटेनर सर्वे करेगी, जहां अब तक डेंगू व चिकनगुनिया के मरीजों की पुष्टि हो गई है। इसके अतिरिक्त बाकी टीमें सेक्टर वाइज हर घर में जाकर सर्वे करेंगी। यह कदम मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर उठाया जा रहा है। क्योंकि अभी तक सामने आए डेंगू व चिकनगुनिया के 250 से अधिक केस में 157 से अधिक मामले जागृति विहार जोन के हैं। जोन में मलेरिया विभाग ने जागृति विहार के साथ मेडिकल कॉलेज, जय भीम नगर, शास्त्रीनगर, अजंता कालोनी, शेरगढ़ी, विवि कैंपस व मंगल पांडे नगर तक को शामिल किया है। कर्मचारियों को जहां भी एडिस मच्छर का लार्वा मिलेगा, वहां कीटनाशक दवा का छिड़काव और फॉगिंग की जाएगी। अभियान में नगर निगम के भी करीब 20 कर्मचारियों को लगाया जा रहा है।
कूलर व एसी वाले घरों में ज्यादा मच्छर
अभी तक की रिपोर्ट से साफ हो रहा है कि एडिस मच्छर उन घरों में ज्यादा पल रहा है, जहां पर कूलर के अंदर पानी या फिर एसी का इस्तेमाल हो रहा है। खासकर बड़े घरों में डेंगू व चिकनगुनिया से पीड़ित मरीजों की संख्या करीब 70 फीसदी से अधिक है। जिससे साफ हो जाता है कि ऐसे घरों में साफ पानी भरे होने के कारण एडिस मच्छर पैदा हो रहे हैं जो लगातार लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।